12 लाख का बिल पास करने की एवज में मांगी थी रिश्वत
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विजिलेंस टीम ने ठेकेदार से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पर्यटन विभाग के जेई सतीश कुमार बंसल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। करीब 12 लाख का बिल पास करने की एवज में जेई ने ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। जेई को विजिलेंस मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगा। फिलहाल, सतीश कुमार बंसल का सोनीपत तबादला किया जा चुका है।
विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि गांव मायना के राजकुमार की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। विजिलेंस को दी शिकायत में राजकुमार ने बताया था कि वह ठेकेदारी का काम करता है। पर्यटन विभाग ने उसे स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में प्रिंसिपल की कोठी, गर्ल्स हास्टल सहित अन्य काम करने का ठेका दिया था। राजकुमार ने सारा काम फरवरी-2016 में पूरा कर दिया था। पूरा भुगतान करीब 12 लाख रुपये का था। काम पूरा होने के बाद राजकु मार ने विभाग के कनिष्ठ अभियंता से बिल बनाने की बात कही। पहले तो जेई क ाफी समय तक टाल मटोल करता रहा। बाद में बिल बनाने के एवज में राजकुमार से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। एक साल तक विभाग के चक्कर काटने के बाद राजकुमार ने विजिलेंस में इसकी शिकायत कर दी। सोमवार को इंस्पेक्टर रमेश कुमार के नेतृत्व में छापामार टीम का गठन किया गया। टीम में जिला समाज कल्याण अधिकारी महाबीर प्रसाद गोदारा को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट शामिल किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जेई को रुपये देने के लिए रोहतक बुलाया। मैना पर्यटन केंद्र में आने के बाद जेई ने राजकुमार को बुलाया। यहां दोनों ने कुछ देर तक बात की। सड़क पर आने के बाद जैसे ही जेई ने रिश्वत ली तो विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया। विजिलेंस ने जेई से रिश्वत के 10 हजार रुपये भी बरामद किये हैं।