जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश की अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या के मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने निंदाना निवासी वीरेंद्र उर्फ बिंद्र, झज्जर के रेवाड़ी खेड़ा निवासी कर्मबीर उर्फ भील और रामशरण उर्फ लोडी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर सभी को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। तीनों ने महम के गांव सुरेंद्र की अवैध संबंधों के चलते शराब पिलाकर गला दबाकर हत्या कर दी थी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार महम के गांव निंदाना निवासी रविंद्र ने 30 जुलाई 2013 को पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसके भाई सुरेंद्र का शव 15 जुलाई को गांव के स्कूल के पास मिला था। रविंद्र का आरोप था कि एक महिला के साथ अवैध संबंधों के चलते सुरेंद्र की हत्या वीरेंद्र उर्फ बिंद्र, कर्मबीर उर्फ भील और रामशरण उर्फ लोडी ने की है। शिकायत के अनुसार सुरेंद्र के कर्मबीर के परिवार की एक महिला से अवैध संबंध थे। यह भी बताया था कि इसी महिला के रविंद्र उर्फ बिंद्र से भी संबंध थे। कर्मबीर ने कई बार इसका विरोध किया था। कर्मबीर और रामशरण की आपस में रिश्तेदारी थी। आरोप थे कि तीनों 14 जुलाई 2013 को सुरेंद्र को सरकारी स्कूल के पास ले जाकर उसे शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो तीनों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी और शव को स्कूल के नजदीक फेंक दिया। वारदात के समय तीनों को सुरेंद्र के दूसरे भाई बिजेंद्र ने देख लिया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद तीनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।