पिछले एक साल से पिता की हत्या का आरोप झेल रहे मोखरा निवासी बिजेंद्र को कोर्ट ने बरी कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश की अदालत ने बिजेंद्र को सबूतों के अभाव में रिहा किया। बिजेंद्र पर फरसे से काटकर पिता की हत्या का आरोप था, लेकिन अदालत में हत्या का आरोप सिद्ध नहीं हो सका।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार 3 जुलाई 2015 को महम थाने में मोखरा के बिजेंद्र के खिलाफ उनके ही पिता की हत्या का केस दर्ज किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में गिन्नी देवी ने बताया था कि उनके पति बलराज अपने बेटे बिजेंद्र के घर पर रात को सो रहे थे। इसी बीच बिजेंद्र ने फरसे से उस पर हमला कर दिया। बलराज के शरीर पर कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। गिन्नी देवी का कहना था वह वारदात की दश्मदीद गवाह है। इसके बाद पुलिस ने बिजेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया था। मगर सुनवाई के दौरान पुलिस और सरकारी वकील आरोपी बिजेंद्र को दोषी साबित नहीं कर सके। अदालत ने केस की सुनवाई के बाद सबूतों के अभाव में बिजेंद्र को बरी कर दिया।
पुलिस कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाई, जिससे साबित हो सके कि हत्या बिजेंद्र ने ही की थी। जिस फरसे से हत्या की गई, उसके बारे में किसी ने कहा कि वह जोहड़ के पास से मिला है तो किसी ने कहा कि वह घास में पड़ा था। मामले में आठ लोगों ने गवाही दी थी। इनमें बिजेंद्र का भाई भी शामिल था।
एडवोकेट ओपी चुग, आरोपी पक्ष के वकील।