महम क्षेत्र के गांव गिरावड़ में कई ग्रामीणों ने गांव स्थित ग्रामीण बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर उनके खातों से कालाधन ठिकाने लगाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले उनके खातों में पैसे जमा होते हैं फिर निकाल लिए जाते हैं। इस संबंध में पूछने पर बैंक के अधिकारी और कर्मचारी सही जवाब नहीं देते हैं।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार शाम चार बैंक में ताला जड़कर बैंककर्मियों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखे। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को जांच का आश्वासन देकर पुलिस ने ताला खुलवाया और बैंक कर्मचारियों को बाहर निकला। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच आयकर विभाग से कराई जाए, ताकि बैंक कर्मियों की करतूत सामने आ सके।
गांव के ग्रामीण बैंक में मंगलवार सुबह से ही ग्रामीणों और बैंक कर्मचारियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को अधिक रुपये दे रहे हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने बैंक पर शाम चार बजे ताला जड़ दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और पुलिस के आश्वासन पर ताला खोला गया। ग्रामीण अंकित, रमेश, दयानंद, सतबीर, हरिओम और संदीप आदि ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारी उनके खातों में गलत एंट्री कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खातों में पहले धनराशि जमा की जाती है फिर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस बारे में किसी भी खाताधारक को जानकारी नहीं होती है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बैंक कर्मचारी मिलीभगत करके उनके खातों से कालाधन ठिकाने लगा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वह इस संबंध में बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों से पूछते हैं तो कोई सही जवाब नहीं देता है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इस संबंध में हरियाणा बैंक मुख्यालय के प्रबंधक कैलाश खत्री ने बताया कि उनके पास बैंक पर ताला जड़ने या ग्रामीणों के रोष प्रदर्शन की सूचना नहीं है।