फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण: दांगी के रिमांड के आखिरी दिनों में ताबड़तोड़ छापेमारी

Thu, 14 Apr 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
रूप सिंह दांगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रोहतक। एआईपीएमटी पेपर लीक के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी का नेटवर्क तोड़ने और केस से जुड़े सारे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने प्रदेश से बाहर भी छापेमारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में रोहतक पुलिस की एक टीम ने मास्टर माइंड दागी के साथ बुधवार को पटना के मेडिकल कॉलेज में छापा मारा। कॉलेज में छापेमारी से हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस को यहां पढ़ाई कर रहे आरोपी राजीव के बारे में कोई सुराग नहीं लगा। अब राजीव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार के सीतामढ़ी रवाना हो गई है। यह जिला नेपाल बार्डर पर पड़ता है। यहां राजीव का पुश्तैनी घर है। दांगी ने ही आरोपी राजीव के मोबाइल पर आंसर-की भेजी थी। दांगी की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा हुआ। पुलिस की कई टीम दूसरे राज्यों में भी छापामारी कर रही हैं।
विज्ञापन


गोच्छी के पूर्व सरपंच का बेटा घुसा था परीक्षा केंद्र में 
मामले में एक ओर खुलासा हुआ है। सीआईए 2 प्रभारी राकेश सैनी ने बताया कि गोच्छी के पूर्व सरपंच का बेटा एमडीएन स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र के अंदर जाकर पीटीआई सतीश से प्रश्नपत्र लेकर बाथरूम में उसका फोटो खींचा था। परीक्षा केन्द्र से बाहर आने के बाद आरोपी ने दांगी को प्रश्नपत्र व्हाट्स एप पर भेजा था। बता दें कि आरोपी अध्यापक रवींद्र ने युवक को परीक्षा के ंद्र के अंदर घुसाया था। रवींद्र की ड्यूटी गेट पर जांच पड़ताल की थी। पुलिस ने एक दिन पहले आरोपी के घर गांव गोच्छी में छापेमारी भी की, लेकिन वह फरार हो गया। सतीश और रवींद्र दोनों को न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेजा जा चुका है।

अब बोहर, सनसिटी और देव कॉलोनी से होगी गिरफ्तारी 
मामले में लगातार आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं। अब पुलिस एक-दो दिन में गांव बोहर, सनसिटी और देव कालोनी में छापेमारी करेगी। यहां से पुलिस केस से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। पुलिस को आरोपियों के बारे में पुख्ता सूचना मिल चुकी है।  पुलिस टीम ने मास्टरमाइंड दांगी की निशानदेही पर पटना मेडिकल कॉलेज में छापेमारी की है। हालांकि आरोपी मौके पर नहीं मिला। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए सीतामढ़ी रवाना हुई है।
विज्ञापन


उम्मीदवारों को डिवाइस लगे अंडर गारमेंट्स मुहैया करने वाला आरोपी गिरफ्तार 
 एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के दौरान अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट सप्लाई करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कुरुक्षेत्र की शांतिनगर कॉलोनी निवासी कमल सैनी को कुरुक्षेत्र जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को कोर्ट में पेशकर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अंडर गारमेंट्स बेचने वाले तक पहुंचने का भी प्रयास कर रही है। आरोपी कमल ने ही परीक्षा दे रहे दांगी के उम्मीदवारों को डिवाइस लगे अंडर गारमेंट सप्लाई किए थे। 

सैनी के भी थे कई अभ्यर्थी 
हाल ही में पकड़े गए मुख्य आरोपी रूप सिंह दांगी ने पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी कमल सैनी के बारे में बताया था। पुलिस पूछताछ में सैनी ने बताया कि प्रकरण में उसके भी कई उम्मीदवार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। आरोपी ने अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये वसूले थे। इनमें से कुछ रकम दांगी के पास जाती थी। बाकी सैनी के पास रहती थी। अब उन अभ्यर्थियों पर भी गाज गिर सकती है, जिन्होंने परीक्षा में पास होने के लिए रुपये देकर आंसर-की खरीदी थी। 

अपहरण के आरोप जेल में बंद था कमल 
पुलिस ने कमल सैनी की गिरफ्तारी के लिए कई बार कुरुक्षेत्र सहित अन्य जगहों पर छापेमारी की, लेकिन सुराग नहीं लगा। जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो पता चला कि वह किसी अपहरण और धोखाधड़ी के मामले में कुरुक्षेत्र जेल में बंद है। अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। आरोपी कमल को दांगी और अभ्यर्थियों के बीच की कड़ी माना जाता है। रुपये लेन देन के बीच का काम उसी के जिम्मे रहता था। 

अभ्यर्थियों को जाल में फंसाता था सैनी 
आरोपी कमल परीक्षा में पास करवाने का लालच देकर अभ्यर्थियों को जाल में फ ंसाता था। भरोसे में लेकर दांगी से उनकी बातचीत करवाता था। इसके बाद अभ्यर्थियों से एडवांस रुपये लेकर काम करता था। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इस आरोपी ने किसी अन्य मास्टर सॉल्वर से प्रश्नपत्र हल करवाया था। इसके बाद प्रश्नपत्र को अभ्यर्थियों और अपने साथियों को भेजा था। 

दांगी को मुहैया करवाए थे मोबाइल नंबर  
आरोपी कमल ने प्रकरण से पहले उन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर दांगी तक पहुंचाए थे, जिन्होंने आंसर-की के लिए रुपये ले रखे थे। प्रश्नपत्र हल होने के बाद दांगी ने इन सभी मोबाइल नंबरों पर परीक्षा होने से पहले आंसर-की भेजी थी।  
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें