हरियाणा के रोहतक में चार साल की मासूम को खेत में अकेला पाकर यौन उत्पीड़न करने वाले 72 साल के बुजुर्ग रामपाल को एएसजे नरेश कुमार की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार को 20 साल कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। कोर्ट का निर्णय सुनकर दोषी रामपाल की अदालत की सीढ़ियों से नीचे उतरते समय गर्दन झुक गई। दो पुलिसकर्मियों ने उसे सहारा देकर नीचे उतरा और सुनारिया जेल छोड़कर आए।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर 2020 में जिले के एक गांव की महिला ने महम थाने में शिकायत दी थी कि वह अपने पति व जेठानी के साथ खेत में कपास चुगने गई थी। साथ में उसकी 4 साल की बेटी भी थी। परिवार के सदस्य कपास चुगने में व्यस्त थे, जबकि बेटी शीशम के पेड़ के नीचे खेल रही थी। जब वे खाना खाने पेड़ के नीचे आए तो उन्होंने देखा कि रामपाल बच्ची के साथ गलत हरकत कर रहा था।
उन्हें देखकर वह फरार हो गया। महम पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 एबी व 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। शनिवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 376 एबी के तहत 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजा एक साथ चलेगी।
सजा के बाद कदम नहीं बढ़ा पा रहा था रामपाल
फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा 20 साल की कैद व 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनकर रामपाल का सिर नीचे की तरफ झुक गया। जब पुलिसकर्मी उसे नीचे लेकर जा रहे थे, तब वह मुश्किल से कदम आगे बढ़ा पा रहा था। सीढ़ियों से नीचे उतरते समय भी उसे काफी समय लग गया।