अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। पहली पत्नी को धोखा देखकर लंदन जाकर दूसरी शादी रचाने वाले एनआरआई पति को मुंबई की अदालत ने उसकी जमीन नीलाम कर पहली पत्नी को खर्च की भरपाई करने के लिए 10 लाख 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। यह आदेश मुंबई कोर्ट ने भिवानी जिला प्रशासन को भेजा है। इस आदेश के बाद अब जिला प्रशासन 23 अप्रैल को उसकी जमीन की नीलामी करेगा। विदेश में रह रहे आरोपित पति पांच साल के दौरान एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। यहां तक कि गृह मंत्रालय के प्रयास के बाद भी उसकी इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
गांव दिनोद निवासी नीरज रानी यादव ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर 2011 को गांव रूपगढ़ निवासी पंकज यादव के साथ हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही वह लंदन जाकर रहने लगा। उसके बाद से आज तक वह भारत नहीं आया है। नीरज का कहना है कि वहां जाकर उसने दो महीने में ही एक विदेशी युवती से दूसरी शादी रचा ली। इतना नहीं उसने विदेश बैठे हुए ही भिवानी के गांव देवसर स्थित पीएनबी बैंक में अपनी मां के साथ फर्जी तरीके से ज्वाइंट अकाउंट खुलवा लिया है। इस मामले में सदर थाना भिवानी पुलिस ने आरोपित एनआरआई पति की मां के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। शादी से पहले परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया था। परिवार के वहां रहने के चलते महाराष्ट्र के रायगड़ जिले के पनवेल की न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में घरेलू हिंसा का मामला चला। कोर्ट में चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए एनआरआई पति पंकज यादव को घर खर्च के लिए हर माह बीस हजार रुपये खर्च देने के आदेश दिए थे। पिछले पांच साल का कुल खर्च अब 10 लाख 20 हजार रुपये हैं। इस दौरान आरोपी न तो एक बार भी खर्च उसे दिया और न ही वह भारत पहुंच कर कोर्ट में पेश हुआ। इस पर संज्ञान लेते हुए मुंबई कोर्ट ने एनआरआई पति की गांव रूपगढ़ स्थित 14 कनाल छह मरले जमीन की नीलामी कर इस खर्च का भुगतान किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर जिला भिवानी प्रशासन ने 23 अप्रैल को जमीन की नीलामी की तारीख तय की है। नीरज रानी ने बताया कि उसने अपने पति के खिलाफ दूसरी शादी रचाने और घरेलू हिंसा का केस दर्ज किया हुआ है। दूसरी शादी के मामले में आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए गृह मंत्रालय द्वारा भारतीय दूतावास, लंदन को भी अवगत करवाया जा चुका है।