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पुलिस वैन का पीछा कर रहे युवकों को दबोचा तो बोले- दोनों की सुरक्षा में चल रहे थे वैन के साथ

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कारौर के पूर्व सरपंच हत्याकांड के आरोपी कुख्यात काला जठेड़ी और अनिल छिप्पी को कस्टडी से छुड़ाने की साजिश के शक से हड़कंप
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- युवकों को दबोचा तो बोले- दोनों की सुरक्षा में चल रहे थे वैन के साथ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक कोर्ट से गुड़गांव की भौंडसी जेल ले जाते समय करौर के पूर्व सरपंच श्रीभगवान, उसके भाई दिलबाग सहित अन्य बंदियों पर अंधाधुंध फायरिंग व हत्या के मामले में गिरफ्तार कुख्यात अनिल छिप्पी और काला जठेड़ी को हिरासत से छुड़ाने के शक ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। पुलिस वैन का पीछा कर रही दो संदिग्ध स्कार्पियो सवार युवकों को सीआईए की टीम ने दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि गाड़ियों में सवार युवक दोनों कुख्यात की सुरक्षा को लेकर पुलिस वैन के साथ-साथ चल रहे थे।
7 साल पहले मार्च 2012 में रोहतक कोर्ट से गुड़गांव की भौंडसी जेल ले जाते समय करौर के पूर्व सरपंच श्रीभगवान, उसके भाई दिलबाग की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुख्यात काला जठेड़ी ने अपने साथियों के साथ पुलिस को बंधक बना लिया था और दोनों भाईयों को गोली से भून दिया था। जांच में कारौर के ही कुख्यात अनिल छिप्पी नाम भी सामने आया था। तभी से दोनों आरोपी सुनारिया जेल में बंद हैं। मंगलवार पुलिस रोहतक जेल से काला जठेड़ी और अनिल छिप्पी को सोनीपत कोर्ट में पेशी पर लेकर जा रही थी। रोड पर आते ही पुलिस वैन के पीछे दो स्कार्पियो चल दी। कुछ दूरी तक पुलिस वैन में मौजूद पुलिस गार्द ने नोटिस किया। इसके बाद वैन में तैनात पुलिस कर्मियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि दो गाड़ियां पुलिस वैन का पीछा कर रही है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीआईए की दोनों टीम सोनीपत रोड की तरफ रवाना हो गई। कुछ ही देर में पुलिस खरावड़ बाईपास पहुंची और दोनों गाड़ियों की घेराबंदी करके युवकों को हिरासत में ले लिया। दोनों गाड़ियों में करीब 12 से ज्यादा लोग थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया।
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युवक बोले- दोनों पर हमले का खतरा, सुरक्षा में चल रहे थे साथ
कार्रवाई करने के बाद सीआईए की दोनों टीम एक एक गाड़ी में सवार युवकों को पूछताछ के लिए लेकर चल गई। सीआईए 1 ने गाड़ी में सवार युवकों से जब पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह काला जठेड़ी व अनिल छिपी के परिवार और दोस्त है। कारौर रंजिश के कारण दोनों के कई दुश्मन है। इस कारण इन दोनों पर कभी भी हमला हो सकता है। इस कारण दोनों की सुरक्षा को लेकर पुलिस वैन के साथ साथ चल रहे थे।
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आपराधिक रिकार्ड खंगाल और दो घंटे पूछताछ के बाद छोड़ा
पुलिस को युवकों की बात पर भरोसा नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने युवकों के आपराधिक रिकार्ड के बारे में संबंधित थानों और चौकियों से जानकारी ली। जांच में सामने आया कि किसी भी युवक को आपराधिक रिकार्ड नहीं था। सीआईए 1 इंचार्ज इंस्पेक्टर नवीन ने बताया कि युवक का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। इस कारण उन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। उधर सीआईए 2 के इंचार्ज एसआई आजाद सिंह ने बताया कि स्कार्पियो में सवार युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।















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