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दादा की नहीं चाचा की करनी थी हत्या

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अमउ उजाला ब्यूरो
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रोहतक। सदर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव के अजीत हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने दादा की नहीं, बल्कि अपने सगे चाचा की हत्या करनी थी। जिस चारपाई पर चाचा लेटते थे, उस पर दादा जाकर लेट गए थे। उसने समझा कि चाचा ही चारपाई पर लेटे है। हत्या के बाद वह अपने घर पर ही हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी लेकर चला गया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।
क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में सोमवार की रात बडे़ भाई के पोते ने घेर में सो रहे किसान अजीत सिंह की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर पर ही जाकर बैठ गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपी रिंकू को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई थी।
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एसएचओ सदर मंजीत मोर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रिंकू ने पूछताछ में बताया कि उसे दादा अजीत सिंह का नहीं, बल्कि अपने सगे चाचा बलराज का मर्डर करना था। दरअसल, बलराज को दादा अजीत ने गोद लिया हुआ था। उसे जमीन में हिस्सा नहीं दिया जा रहा था। इसके अलावा बलराज और रिंकू के खेत मिले हुए थे। डोलबंदी को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। इसी विवाद के चलते वह चाचा बलराज की हत्या करना चाहता था। एक सप्ताह से चाचा बलराज घेर में सो रहे थे। उसने चाचा समझ ही दादा अजीत सिंह की कुल्हाडे से वार कर हत्या करद ी तथा अपने घर जाकर बैठ गया। शोर शराबा होने के बाद ही उसे चाचा के बजाए दादा की हत्या के बारे में पता लगा। एसएचओ ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एक सप्ताह से हत्या के प्रयास में था आरोपी
एसएचओ ने बताया कि आरोपी रिंकू नशीले पदार्थों का सेवन करता है। घटना को अंजाम देते समय भी वह नशे में था। नशे में ही उसने वारदात को अंजाम दिया। पिछले एक सप्ताह से ही वह घटना को अंजाम देने की फिराक में था। मगर मौका नहीं लग पा रहा था।
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कटड़े को जन्म देने पर देखरेख को घेर में सो रहा था बलराज
पुलिस ने बताया कि अक्सर बलराज अपने घर में ही सोता था। मगर एक सप्ताह पूर्व ही बलराज की भैंस ने कटड़े को जन्म दिया था। जिस पर बलराज एक सप्ताह से घेर में ही भैंस की देखभाल के लिए सो रहा था, जबकि अजीत सिंह बलराज के घर पर सो रहा था।
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