तीन बंदियों को लेकर अकेला खड़ा रहा गुरुग्राम का एक पुलिसकर्मी
- पीजीआई में एक्सरे के लिए गुरुग्राम से बंदियों को लेकर पहुंची थी पुलिस
- दूसरा पुलिसकर्मी मोबाइल पर चैटिंग में रहा व्यस्त, तीसरा रहा लापता, एक्सरे के बाद पहुंचा
- इस दौरान बंदी फरार हो जाते तो कौन होता जिम्मेदार
महबूब अली
रोहतक। इसे गुरुग्राम पुलिस की लापरवाही कहा जाएगा या फिर कुछ और कि शनिवार को पीजीआई में एक पुलिसकर्मी तीन बंदियों को लेकर एक्सरे रूम के बाहर अकेला खड़ा रहा। दूसरा पुलिसकर्मी मोबाइल पर चैटिंग व्यस्त था। जबकि तीसरा एक्सरे होने के बाद बंदियों के पास पहुंचा। इस दौरान यदि बंदी फरार हो जाते तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। इसका जवाब किसी के पास नहीं है? हालांकि गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच कराने की बात कही है।
शनिवार को दोपहर करीब एक बजे गुरुग्राम पुलिस के तीन पुलिसकर्मी धोखाधड़ी समेत कई आरोपों में पकड़े गए गुरुग्राम के ही तीन बंदियों को लेकर पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में एक्सरे कराने के लिए पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण बंदी व पुलिसकर्मी काफी देर तक एक्सरे रूम के बाहर ही खड़े रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने घोर लापरवाही बरती। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक्सरे रूम के बाहर खड़ा एक पुलिसकर्मी तीनों बंदियों की हथकड़ी अपने हाथ में पकड़े करीब दस मिनट तक अकेला ही खड़ा रहा। जबकि दूसरा पुलिसकर्मी करीब दस मीटर की दूरी पर मोबाइल में चैटिंग करने में व्यस्त रहा। तीसरे पुलिसकर्मी का कोई पता नहीं था। एक्सरे होने के बाद ही तीसरा पुलिसकर्मी वहां पहुंचा। इस दौरान यदि बंदी फरार हो जाते तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा बंदियों को पीजीआई में एक्सरे के लिए ले जाते समय लापरवाही बरतने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराकर लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- केके राव, पुलिस कमिश्नर गुरुग्राम
फोटो परिचय
एमए-1
पीजीआई में बंदियों को पकड़ने के बजाए मोबाइल में व्यस्त पुलिसकर्मी।
एमए-2
पीजीआई में तीन बंदियों को लेकर खड़ा मात्र एक पुलिसकर्मी।