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भाई ने दिया था रक्षा का वचन, अब भाई के जेल जाने के बाद ससुराल छोड़कर मायके में रहकर भाई का परिवार पाल रही सुदेश

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भाई के जेल जाने के बाद मायके में रहकर भाई का परिवार पाल रही सुदेश
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भाई के परिवार की रक्षा कर रही सुदेश
- भाभी और परिवार की महिला की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या, भाई है जेल में

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कारौर गांव में चली आ रही रंजिश के कारण यहां के पूर्व सरपंच के परिवार के सामने पालन पोषण का संकट आन खड़ा हुआ। पूर्व सरपंच ने रक्षा बंधन पर बहन की रक्षा का वचन दिया था मगर रंजिश के कारण परिवार की दो महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया। यहीं नहीं पूर्व सरपंच भी एक हत्या के मामले में सलाखों के पीछे पहुंच गए। भाई के परिवार को पालने का जिम्मा खुद पूर्व सरपंच की बहन ने उठा लिया। वह खुद ससुराल से के बजाए मायके में रहकर भाई के परिवार की सुरक्षा से लेकर पालन पोषण कर रही है। हर कोई महिला की सराहना कर रहा है।

राजेश कुमार कारौर गांव के पूर्व सरपंच थे। राजेश प्रधान की बेटी आरती ने बताया कि वर्ष 2000 में दीपावली के दिन उसकी मां रानी व चाची रोशनी घर के अंदर बैठी हुई थी। इसी बीच विपक्षी दर्जनभर से अधिक लोग पहुंचे तथा मां व चाची की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। बाद में मौके से फरार हो गए। इसके बाद उसके पिता राजेश को श्रीभगवान व एक अन्य की हुई हत्या के मामले में फंसा दिया। जो वर्तमान में जेल में बंद है। हालांकि परिवार की सुरक्षा को सुरक्षाकर्मी भी दिए गए है। राजेश के जेल जाने के बाद उसक ी बेटी आरती, आशीष, आदर्श, छोटी है।
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राजेश के जेल जाने के बाद परिवार के समक्ष पालन पोषण का संकट आन खड़ा हुआ। जिस पर राजेश की बहन सुदेश ने खुद ही भाई के परिवार का पालन पोषण करने का निर्णय लिया। सुदेश की शादी सांपला में बीएसएफ के जवान नरेश के साथ कर दी गई थी। सुदेश ने अपने पति से भाई के परिवार को पालने का बात रखी तो वह भी तैयार हो गए।
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आरती ने बताया कि उनकी बुआ ही परिवार का पालन पोषण कर रही है। हर बार राजेश रक्षाबंधन पर सुदेश को रक्षा का वचन देता था। मगर अब उसकी बहन सुदेश ससुराल छोड़कर भाई के परिवार का पालन पोषण कर रही है। सुदेश का कहना है कि वह मरते दम तक परिवार को पालती रहेगी। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सुदेश ही अपनी भतीजी आरती, को बीकॉम, छोटी को इंटर, आशीष व आदर्श को इंटर की पढ़ाई करा रही हर कोई परिवार की सुदेश की सराहना कर रहा है।
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