बिना गेट पास वाहन की मंडी में नहीं होगी एंट्री
चरखी दादरी।
चरखी दादरी की अनाज मंडी दक्षिणी हरियाणा की एकमात्र तिलहन मंडी है। जिले के करीब पौने 200 गांवों केे किसानों का इस मंडी से सीधे तौर पर जुड़ाव है। इतना ही नहीं आसपास के साथ लगते जिले महेंद्रगढ़, झज्जर व रेवाड़ी के गांवों के किसान भी यहां आते हैं। इसलिए अब नई अनाज मंडी में अब टोल बैरियर की तर्ज पर वाहनों की पूरी जांच-पड़ताल होगी। आने व जाने के लिए गेट पास के बिना एंट्री नहीं होगी। अनाज मंडी ऑनलाइन होने पर पूरे सिस्टम को अपडेट किया जा रहा है। वहीं अनाज मंडी में चार कंप्यूटराइज कांटे भी अगले माह से शुरू हो जाएंगे।
जानकारी के अनुसार नई अनाज मंडी कांग्रेस सरकार के शासनकाल में ही शुरू हो गई थी। यहां करीब 100से अधिक आढ़ती और व्यापारी हैं। अनाज मंडी में सुविधाओं को लेकर समय- समय पर सवाल उठते रहे हैं। पिछले दिनों अनाज मंडी चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं। अनाज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवाज उठती रही है। पिछले दिनों दिल्ली से मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों व आईएएस स्तर के अधिकारियों ने मंडी के ऑनलाइन सिस्टम की मॉनीटरिंग की थी। इस दौरान टीम द्वारा ऑनलाइन सिस्टम की मॉनीटरिंग की गई थी। अब अनाज मंडी में सभी प्रकार के वाहनों की एंट्री पूरी जांच-पड़ताल के बाद हो सकेगी। बिना गेट पास के मंडी में कोई भी वाहन प्रवेश नहीं कर सकेगा। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड ने मंडी में जनरेेटर की व्यवस्था के लिए दो लाख रुपये का एस्टिमेट भी हैड ऑफिस भेज रखा है ताकि यहां जरनेटर की व्यवस्था करवाई जा सके। इसके लिए इस बजट से मंडी में अन्य जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा ताकि इस खरीफ फसल के खरीद सीजन में खरीद प्रक्रिया में बाधा न होने पाए। किसानों व व्यापारियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न होने पाए। यह बजट राशि जल्द ही मंजूर होने की उम्मीद जताई जा रहा है। इस समय खरीद फसल की सरकारी खरीद के संबंध में मार्केटिंग बोर्ड के पास कोई सर्कुलर नहीं पहुंचा है। इस समय मंडी में बाजरा व कपास की आवक शुरू हो चुकी है।
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मंडी में बिना गेट पास के किसी भी वाहन की इंट्री नहीं होगी। मंडी के ऑनलाइन सिस्टम को पूरी तरह से अपडेट किया जा रहा है।
मंडी सुपरवाइजर रामकिशन, मार्केटिंग बोर्ड