रोहतक। शहर के मेडिकल मोड़ से ढाई वर्ष पहले सेवानिवृत्त सूबेदार को उसकी की कार में बंधक बनाकर लूटने वालों को बुधवार अदालत में पेश किया। अदालत ने वीरेंद्र उर्फ बिल्लू, मोहित व सुरेश उर्फ बच्ची दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई। इसके साथ छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
अदालत के मुताबिक, इस्माईला निवासी रवींद्र सिंह ने 12 जुलाई 2016 को माडल टाउन पुलिस चौकी में शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि उसके पिता मेडिकल में भर्ती थे। गांव से मेडिकल पहुंचा तो तीन आदमी आए और पूछा कहां जा रहे हैं। इसी दौरान एक ड्राइवर साइड, दूसरा कंडेक्टर व तीसरा गाड़ी की पीछे की सीट पर आ बैठा। पीछे बैठक व्यक्ति ने उन्हें खींच लिया। उनमें से एक के पास पिस्तौल व दो के पास कट्टे थे। वे रविंद्र को रोहतक के बाहर सुनसान इलाके में दो घंटे तक घुमाते रहे। बाद में एक जगह पानी में फेंक दिया। इस दौरान आरोपियों ने कहा कि करोंथिया ने 20 लाख की सुपारी दे रखी है। अब दस लाख मंगवा ले। इसके बाद गाड़ी में उनका सूबेदार का एक्स सर्विस मैन का कार्ड, सेना से मिली राइफल का लाइसेंस व उनके पिता के इलाज के लिए लाए 52 हजार रुपये रखे थे। बदमाश इन्हें लूट ले गए। पुलिस ने इस मामले में छानबीन करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में चालान पेश किया। बुधवार को अदालत ने इस केस में फैसला सुनाया।