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सलारा मोहल्ला पुलिस चौकी फूंकने के तीन आरोपी बरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक । स्थानीय अदालत ने जाट आरक्षण हिंसा के दौरान सलारा मोहल्ला पुलिस चौकी को फूं कने के तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। वह पिछले काफी समय से जमानत पर जेल से बाहर थे।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण की मांग को लेकर जिले में कई जगहों पर आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ हुई थी। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने सलारा मोहल्ला पुलिस चौकी में आग लगाकर सरकारी असलाह लूट लिया था। आगजनी में चौकी में रखा कुछ रिकार्ड भी खाक हो गया था। हिंसा खत्म होने के बाद इस संबंध में पुरानी सब्जी मंडी थाने में करीब 150 अज्ञात लोगों केस दर्ज किया गया था। यह एफआईआर एएसआई नरेंद्र की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
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बाद में इसी मामले की जांच भी नरेंद्र को ही सौंप दी गई थी। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने सलारा मोहल्ले के सुनील, राहुल और फूल को गिरफ्तार किया था। फिर उनके खिलाफ चालान पेश किया था। पुलिस ने आरोपितों से कुछ सामान भी बरामद किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने दलील रखी कि जिस अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया उसे ही जांच अधिकारी बना दिया गया। उस अधिकारी ने अपने तरीके से मामले की जांच की। इसके अलावा वकील ने दलील रखी कि मामले में 14 लोगों ने गवाही दी। इनमें अधिकतर गवाहों के बयानों में विरोधाभास मिला। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद सबूतों के अभाव में तीनों को बरी कर दिया।
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