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रेलवे स्टेशन पर बालिका से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी समेत चार गिरफअतार

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। रेलवे स्टेशन के यार्ड स्थित पंप घर नंबर दो परिसर में बच्ची से दुष्कर्म के तीन अन्य आरोपियों को भी जीआरपी ने शुक्रवार देर रात दबोच लिया है। वहीं मुख्य आरोपी को वीरवार देर रात गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देख एसपी जीआरपी अंबाला व डीएसपी भिवानी ने रोहतक में डेरा डाल लिया है। पुलिस अधिकारियों ने पीजीआई में भर्ती बच्ची व उसके पिता से पूछताछ की कोशिश की, लेकिन उनकी मानसिक हालत के चलते बात नहीं हो सकी।
पुलिस के अनुसार प्लास्टिक व लोहा बीनकर जीवन यापन करने वाले एक व्यक्ति की पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो गया गया। उसके करीब सात साल के बेटी है, जिसका वह बड़ी हिफाजत से लालन-पालन कर रहा है। वीरवार को बेटी आम दिनों की तरह रेलवे स्टेशन पर आ गई। स्टेशन पर परिचित युवक धर्मवीर उर्फ कातिया पुत्र राजेंद्र निवासी कुलताना रोहतक बच्ची को मिला। धर्मवीर बच्ची को यार्ड स्थित पंप घर दो के अंदर ले गया, जहां उसके तीन दोस्त पहले से मौजूद थे। इसके बाद धर्मवीर ने अपने साथियों के साथ बच्ची से दुष्कर्म किया था।
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वहीं, बेटी को तलाशते हुए उसका पिता रेलवे स्टेशन के यार्ड तक गया। जब वह पंप घर नंबर दो से गुजरा तो बेटी के रोने की आवाज सुनाई दी। वह अंदर गया तो उसने देखा तीन युवक दीवार फंदकर भाग रहे हैं और परिचित धर्मवीर उसका मुंह दबा रहा है। पिता को आता देख धर्मवीर भी भाग गया। खून से लथपथ बेटी को लेकर धर्मवीर जीआरपी थाने पहुंचा। जीआरपी उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंची, जहां से उसे पीजीआई के लिए रेफर कर दिया, जहां शुक्रवार को भी बेटी भर्ती रही। वहीं, पिता की शिकायत पर जीआरपी ने धर्मवीर व तीन अन्य के खिलाफ 376, डी-6 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पूछताछ में साथियों के बताए नाम
वीरवार की देर रात जीआरपी ने रोहतक बस स्टैंड से मुख्य आरोपी धर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम राहुल उर्फ चिन्नू उर्फ शाका निवासी अमरोहा, सागर निवासी रोहतक और संतोष निवासी झांसी बताया। मुख्य आरोपी से मिले सुराग के बाद पुलिस टीमों ने छापेमारी करके शुक्रवार की देर रात फरार तीनों आरोपियों को भी दबोच लिया। मामले की गंभीरता को देख एसपी जीआरपी, डीएसपी भिवानी ने शुक्रवार तड़के ही अपनी-अपनी टीमों के साथ रोहतक में डेरा डाल लिया था।

मुख्य आरोपी धर्मवीर को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ में मिले सुराग पर तीनों फरार आरोपियों को शुक्रवार की देर गिरफ्तार कर लिया गया।
धीरज सेतिया, एसपी, जीआरपी


बच्ची का मुंह दबाए था आरोपी, पिता को देख दीवार फांदकर भाग गया
रोहतक। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका पीड़िता के पिता से परिचय था। वह अक्सर उसके घर आता था, जिससे नाबालिग उसको जानती थी। बताते हैं कि आरोपी दो दिन पहले नाबालिग के साथ रेलवे स्टेशन पर घूमते देखा गया था। तब भी आरोपी दुष्कर्म की नीयत से लेकर नाबालिग को बहला फुसलाकर लाया था। एसपी जीआरपी ने भी मुख्य आरोपी के परिचित होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अक्सर ऐसी वारदातों में परिचित का ही हाथ होता है क्योंकि नाबालिग बच्चे शातिरों की मंशा को भांप नहीं पाते हैं।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने जब रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि धर्मवीर उर्फ कातिया उसकी बेटी का हाथों से मुंह दबाए हुए था और उसे देखकर दीवार फांदकर भाग गया, तो पुलिस ने आरोपी के बारे में पूछताछ की। तब उसने बताया कि वह प्लास्टिक व लोहा कूड़े से बीनकर जीवन यापन करता है। धर्मवीर आसपास घूमता रहता है, जिससे उसका परिचय हो गया। बेटी अक्सर खेलते हुए रेलवे स्टेशन तक आ जाती थी। जब उसे पता चला कि नाबालिग स्टेशन के पास खेल रही है, तो वह उसके पास पहुंचा और झांसा देकर यार्ड की तरफ ले जाकर दुष्कर्म किया। वहीं, आरपीएफ अधिकारी का कहना है कि दो दिन पहले मुख्य आरोपी इसी मकसद से नाबालिग को लेकर स्टेशन पर आया था मगर कुछ देर बाद लौट गया।
जीआरपी एसपी धीरज सेतिया ने बताया कि मुख्य आरोपी धर्मवीर से पूछताछ पर पता चला है कि वह नाबालिग के पिता को जानता था और घर पर आनाजाना भी था। वह नाबालिग पर गलत नीयत रखता था, जिसका उसके पिता को अहसास नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि इस तरह की वारदातों में परिचित का ही हाथ होता है क्योंकि नाबालिग उनकी गलत मंशा को भांप नहीं पाते है। सामूहिक दुष्कर्म के चारों आरोपियों की उम्र 20 से 24 साल के बीच है।

मुख्य आरोपी को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया
वीरवार देर रात बस स्टैंड से गिरफ्तार दुष्कर्म के मुख्य आरोपी धर्मवीर उर्फ कातिया को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। जीआरपी थाना प्रबंधक सनेही कुमार ने बताया कि रिमांड पर लिए मुख्य आरोपी से कई मामलों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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जीआरपी के साथ-साथ एफएसएस टीम ने सबूत एकत्रित किए
जीआरपी और एफएसएल की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए मौके से वारदात के संबंधित कई सबूत फोरेंसिक जांच के लिए एकत्रित करें। बताते हैं कि जांच टीमों को मौके पर कुछ खून के छींटे मिले जिन्हें एकत्रित किया। कुछ कपड़े भी मिले हैं जिन पर खून के लगा हुआ था।
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