गांधीनगर हत्याकांड :
नुकीले हथियार से हुई थी रोहित की हत्या, पुलिस ने जुटाए आधे-अधूरे सबूत
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ हत्या का खुलासा, पुलिस ने किया था मिर्गी से मौत का दावा
- डिस्पेंसरी की छत पर मिला खून से सना पोस्टर, सरिया, बेल्ट, शराब की बोतल सहित तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गांधी नगर में डिस्पेंसरी के सामने संदिग्ध अवस्था में मिली रोहित की लाश के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में सामने आया है कि सिर में नुकीले हथियार के वार से रोहित की हत्या की गई थी। पुलिस परिजनों को गुमराह करने के लिए दावा कर रही थी कि रोहित की मौत मिर्गी के दौरे के कारण हुई। हैरत की बात यह है कि पुलिस मौके पर तो गई लेकिन आधे अधूरे सबूत जुटाकर चली गई। जबकि परिजन बार बार डिस्पेंसरी की छत पर जाकर सबूत जुटाने की मांग करते रहे।
बता दें कि गांधीनगर निवासी रोहित का बुधवार की रात को घर के बाहर गाली-गलौज कर रहे कुछ युवकों से झगड़ा हो गया था। कहासुनी के करीब छह घंटे बाद रोहित का शव घर से चंद कदम दूर डिस्पेंसरी के सामने मिला था। पुलिस ने मामले से पीछा छुड़ाने के लिए दावा किया था कि रोहित की मौत मिर्गी के दौरे के कारण हुई। दूसरी तरफ परिजन हत्या का आरोप लगा रहे थे।,
सिर में गहरी चोट का एक निशान
सूत्रों के अनुसार अभी तक पोस्टमार्टम में सामने आया है कि रोहित के सिर में नुकीले हथियार से वार किया गया था। हालांकि उसके सिर पर चोट का एक ही निशान मिला है। यह घाव काफी गहरा है। मृतक के पिता श्याम सुंदर का कहना है कि उनके बेटे के सिर और चेहरे पर वार किये गये है। मामले की गहराई तक जाने के लिए विसरा रिपोर्ट लैब में भेजी गई है। ताकि अधिकारिक तौर पर पुष्टि हो सके कि रोहित की हत्या हुई है या हादसे में मौत। जब मामले में परिजनों ने पड़ोसियों से बात की तो उन्होंने बताया कि रात को उन्हें किसी के गिरने की आवाज आई थी। लेकिन उन्होंने बाहर निकलकर नहीं देखा।
डिस्पेंसरी की छत से फेंका रोहित को, पुलिस ने नहीं जुटाए सबूत
मृतक के परिजनों का कहना है कि जिस डिस्पेंसरी के सामने रोहित का शव मिला उसकी छत से ही उसे हत्या करने के बाद सड़क पर फेंका गया था। वह जमीन पर उल्टा पड़ा हुआ था। इसके बावजूद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बार भी डिस्पेंसरी की छत पर जाकर सबूत जुटाने की जहमत नहीं उठाई। शुक्रवार को जब अमर उजाला की टीम पीड़ित के घर पहुंची तो वह सीधा डिस्पेंसरी की छत पर लेकर गये। यहां पर परिजनों ने दिखाया कि एक खून से सना पोस्टर, सरिया, तार और शराब की बोतल मिली। इसके अलावा तीन टाई के टुकड़े और दो बेल्ट मिलीं। यह सभी चीजें अभी तक छत पर ही पड़ी हैं।
शराबियों का अड्डा बनी डिस्पेंसरी की छत
जिस डिस्पेंसरी के सामने रोहित का शव मिला है उसकी छत आसपास के रहने वाले शराबियों का अड्डा बन गई है। इसके आसपास रहने वाले लोग भी शराबियों और यहां आने वाले संदिग्ध लोगों से परेशान है। डिस्पेंसरी की छत पर जाने वाली सीढ़ियों में कोई दरवाजा नहीं लगा है। इस कारण रात भर शराबी व संदिग्ध लोग छत पर आते जाते रहते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार भवन के मालिक को शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब भी पड़ोसी छत पर आने वाले शराबियों को टोकते हैं तो उन्हीं के साथ मारपीट कर दी जाती है।
कॉलोनी के रहने वाले हैं हत्यारे : पिता
मृतक के पिता श्याम सुंदर का दावा है कि उनके बेटे की हत्या करने वाले आरोपी कॉलोनी के ही रहने वाले है। किसी बाहरी ने वारदात को अंजाम नहीं दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि हत्या से पहले जिन युवकों से रोहित की बहस हुई थी वह उन्हें नहीं जानते है। परिजनों ने कॉलोनी में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले एक युवक पर भी शक जाहिर किया है। जिस जगह पर रोहित का शव मिला उसके सामने वाला मकान उस आरोपी का है जिसने हाल ही में अपनी पत्नी के सात टुकड़े कर दिये थे।
10 साल पहले हुई थी चचेरे भाई की हत्या
श्याम सुंदर मदान के परिवार में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले वर्ष 2007 में रोहित के ताऊ सोमनाथ मदान के बेटे राजेश की हत्या कर दी गई थी। क्षेत्र में ही एक शादी समारोह स्थल के सामने उसका जला हुआ शव मिला था। सोमनाथ का कहना है कि उनका इकलौता बेटा दुनिया से चला गया और पुलिस ने पूरी कहानी को आत्महत्या बना दिया। सोमनाथ का कहना है कि पिछले दस साल में उनके दो परिवार के इकलौते चिराग बुझ गये। अब रोहित हत्याकांड को भी पुलिस हादसा साबित करना चाहती है। रोहित की मौत के बाद परिवार में अब उसके पिता ही कमाने वाले रह गये है।
पड़ोसियों की जुबानी
पड़ोसी के मकान में दो बार हुई चोरी
हालत यह है कि डिस्पेंसरी के साथ लगे मकान में दो बार चोरी भी हो चुकी है। उनके घर में दो बार चोरी हो चुकी है। डिंपल के मकान की छत डिस्पेंसरी की सीढ़ियों से लगी हुई है। छत पर रात भर असामाजिक तत्वों का आना जाना रहता है। अधिकतर शराब पीकर रहते हैं। इस कारण पूरी रात डर का माहौल रहता है।
- डिंपल डिस्पेंसरी की दीवार से लगे मकान में रहने वाली
कई बार शिकायत की, नहीं सुधरे हालात
छत पर आने वाले लोगों के बारे में कई बार पुलिस और मकान मालिक से शिकायत की गई है। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। रात के समय घर से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। यहां आने वाले संदिग्धों में पुलिस का भी डर नहीं है। देर रात तक छत पर बैठे रहते हैं।
- वीना, पड़ोसी
वर्जन
फिलहाल केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
एसआई शमशेर सिंह, जांच अधिकारी