वारदात के बाद पहाड़ी इलाकों में छिप जाता था संपत
- प्रत्येक राज्यों में गिरोह का जाल फैलाना चाहता था, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के भी कई लोगों से मांगी थी रंगदारी
- एसआईटी की पूछताछ में किया खुलासा, यूपी व दिल्ली के भी गिरोह में कई बदमाशों को कर लिया था शामिल
महबूब अली
रोहतक।
गैंगस्टर संपत नेहरा डॉन बनना चाहता था। यहीं कारण था कि उसने चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा के अलावा मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश, दिल्ली में भी कई वारदात को अंजाम दिया था। खास बात यह थी कि किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद वह पहाड़ी इलाकों में जाकर छिप जाता था। प्रत्येक राज्य में अपने गिरोह में सदस्य जोड़ता जा रहा था। हर वारदात में नए सदस्यों को शामिल करता था। पुलिस की पूछताछ में संपत ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। संपत देश के सभी राज्यों में अपना आतंक फैलाना चाहता था।
दरअसल, लारेंस गैंग के सरगना लारेंस बिश्नोई के जेल जाने के बाद संपत ने गिरोह की कमान संभाल ली थी। काले हिरण के शिकार के मामले में सजा होने से तीन माह पहले बिश्नोई ने अभिनेता सलमान को जेल में जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद विश्नोई को जोधपुर की सेंट्रल जेल से भरतपुर की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
संपत ने पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार संपत ने अपने साथियों के साथ मिलकर पंजाब, राजस्थान, हरियाणा के अलावा यूपी, मध्य प्रदेश व दिल्ली के सरोजनी नगर में भी व्यापारियों से रंगदारी मांगने की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि व्यापारियों ने दहशत के चलते मामला दर्ज नहीं कराया था। संपत अक्सर गिरोह के सदस्यों से कहता रहता था कि वह हर राज्य में अपना आतंक फैलाना चाहता है। ताकि लोग उसका नाम लेने भर से कांपने लगे। पूछताछ में पता चला है कि संपत पुलिस के पकड़े जाने के डर से अक्सर मोबाइल नंबर भी बदलता रहता था। यहीं नहीं जिस भी राज्य में उसे रंगदारी या फिरौती की घटना को अंजाम देना होता था वह नए सदस्यों को गिरोह में शामिल करता था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह राजस्थान से लेकर चंडीगढ़ या फिर अन्य स्थानों पर वारदातों को अंजाम देने के बाद हरिद्वार के अलावा मंसूरी, नैनीताल व अन्य ठंडे इलाकों में साथियों के साथ जाकर छिप जाता था। कई दिन बाद वहां से लौटता था।
पंजाब विवि से लड़ा था उप प्रधान का चुनाव
पुलिस पूछताछ में संपत ने बताया कि उसने पढ़ाई के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी से उप प्रधान का भी चुनाव लड़ा था। यहीं नहीं वह 100 मीटर हर्डल रेस का राज्यस्तरीय खिलाड़ी भी रहा है।
काल डिटेल खोलेगी राज, कई सफ ेदपोशों भी थे संपर्क में
रोहतक (ब्यूरो)। गैंगस्टर संपत प्रेमिका से जिस नंबर से बात करता था। पुलिस उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाने में लगी है। आशंका जताई जा रही है कि संपत के संपर्क में कई सफेदपोश भी थे। एसआईटी के सूत्रों के अनुसार प्रेमिका से बात करते समय ही संपत नेहरा की कॉल को ट्रेस करने के बाद पुलिस को उस तक पहुंचने में सफलता हाथ लगी। हालांकि पिछले कुछ समय से संपत अलग अलग नंबरों का प्रयोग कर रहा था। पुलिस अब संपत के मोबाइल की काल डिटेल निकलवाने में लगी है। माना जा रहा है कि कई सफेदपोश भी संपत के संपर्क में थे।
राजस्थान के अलावा हरियाणा के भी कई लोग थे संपत नेहरा के निशाने पर
- हैदराबाद से मोस्ट वांटेड गैंगस्टर को एसआईटी ने किया था गिरफ्तार
- रोहतक पुलिस भी मोस्ट वांटेड को ट्र्रांजिट रिमांड पर लेकर करेगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व चंडीगढ़ में कई वारदातों को अंजाम देने वाले गिरफ्तार किए जा चुके मोस्ट वांटेड गैंगस्टर संपत नेहरा के निशाने पर राजस्थान व हरियाणा के कई लोग थे। अगर गैंगस्टर नहीं पकड़ा जाता तो उनकी हत्या भी की जा सकती है। हिसार एसआईटी की पूछताछ में गैंगस्टर ने यह खुलासा किया है।
हरियाणा से लेकर पंजाब, चंडीगढ़ व राजस्थान की पुलिस गैंगस्टर संपत नेहरा को पकड़ने में लगी थी। मगर लाख प्रयास के बाद भी संपत नेहरा को पकड़ने में कई राज्यों की पुलिस पूरी तरह से नाकाम थी। बुधवार को गैंगस्टर को एसटीएफ टीम ने हैदराबाद के पास से गिरफ्तार कर लिया। हिसार एसआईटी ने भी गैंगस्टर से पूछताछ की। हिसार एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गैंगस्टर के निशाने पर राजस्थान, चंडीगढ़ के अलावा हरियाणा के भी कई लोग थे। कुछ से संपत ने रंगदारी भी मांगी गई थी। हालांकि मामलों की शिकायत पुलिस से नहीं की गई थी। यदि गैंगस्टर को नहीं पकड़ा जाता तो उनकी हत्या भी जा सकती थी। एसपी रोहतक जशनदीप सिंह रंधावा का कहना है कि गैंगस्टर को जल्द ही पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
कारौर के आनंद हत्याकांड में भी था शामिल
सूत्रों के अनुसार गैंगस्टर ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह रोहतक के कारौर गांव के पूर्व सरपंच के भाई आनंद की हत्या में भी शामिल था। 27 अप्रैल को वह साथियों के साथ कारौर में पहुंचा था तथा पूर्व सरपंच के भाई को साथियों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था।
लारेंस विश्नोई से यूनिवर्सिटी में हुई थी मुलाकात
एसआईटी के अनुसार संपत से पूछताछ में पता चला है कि वह चंडीगढ़ में ही तैनात पुलिसकर्मी का बेटा है। चंडीगढ़ में ही पढ़ते समय उसकी मुलाकात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई थी। इसके बाद उसने लॉरेंस के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया था। बिश्नोई ने जोधपुर व अन्य स्थानों पर संपत के माध्यम से कई व्यापारियों से फिरौती भी मांगी थी। बाद में लारेंस बिश्नोई जेल चला गया था। जिसके बाद से खुद संपत ने ही गिरोह की कमान संभाल ली। गिरोह के सदस्य संपत के कहने पर ही वारदात को अंजाम देते थे।
संपत के पकड़े जाने के बाद लारेंस बिश्नोई ने जेल से ही फेसबुक पर पोस्ट कर हरियाणा पुलिस को दी खुली चुनौती
- जेल से ही फेसबुक चला रहा है लारेंस बिश्नोई
- बोला - संपत के साथ कुछ भी गलत हुआ तो पड़ेगा महंगा
- रोहतक पुलिस मामले की जांच में जुटी
- एसपी बोले- कराई जा रही मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कई राज्यों की पुलिस के लिए परेशानी का सबब बने गैंगस्टर संपत नेहरा को भले ही हरियाणा की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन भरतपुर जेल में बंद मगर लॉरेंस गैंग के सरगना ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर हरियाणा पुलिस को खुली चुनौती दी है। कहा कि यदि संपत के साथ कुछ भी गलत हुआ तो महंगा पड़ेगा। रोहतक पुलिस ने लॉरेंस के नाम से डाली गई पोस्ट की जांच शुरू करा दी है।
लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद रहने के दौरान गिरोह की कमान संभाल रहे संपत नेहरा को बुधवार की रात में हरियाणा एसआईटी ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया।
भरतपुर जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई ने संपत की गिरफ्तारी के बाद वीरवार की सुबह करीब 9 बजे अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट डाली। जिसमें संपत को गिरफ्तार करने वाली पुलिस को खुली चुनौती दी गई है। पंजाबी भाषा में डाली पोस्ट में लॉरेंस ने यह भी कहा है कि मेरे भाई संपत को हरियाणा एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। यदि उसके साथ कुछ भी गलत हुआ तो पुलिस को महंगा पड़ेगा। लॉरेंस बिश्नोई द्वारा डाली गई पोस्ट की जांच रोहतक पुलिस ने भी शुरू कर दी है।
लारेंस बिश्नोई के नाम से फेसबुक पर पुलिस को चुनौनी देने संबंधी पोस्ट डालने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
- जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी
पोस्ट में लारेंस विश्नोई ने यह कहा है
राम-राम सारे भाइयो। मेरे भाई संपत नेहरा को हरियाणा एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उसमें हम सबकी जान बसती है। पुलिस अपनी कार्रवाई करें। हमारी पुलिस या फिर आम लोगों से कोई दुश्मनी नहीं है। यदि संपत के साथ कुछ भी गलत हुआ तो महंगा पड़ेगा। घर परिवार सबके हैं। राजस्थान पुलिस के जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले बयान पर भी मैं यही कह रहा था, जो आज कह पाया। जय बजरंग बली।
फेसबुक पर आ चुके हैं 30 से अधिक कमेंट
लारेंस द्वारा डाली गई पोस्ट पर अब तक तीस से अधिक लोग कमेंट कर चुके हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर जेल में बंद बिश्नोई कैसे मोबाइल चला रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पोस्ट पर लगातार कमेंट्स की संख्या बढ़ रही है।
संपत को था एनकाउंटर का डर, फेसबुक पर गिरफ्तारी की बात की थी शेयर
- 6 जून की रात 9:51 को संपत नेहरा के नाम से डाली गई थी पोस्ट
- पोस्ट पर वीरवार रात सवा दस बजे तक आ चुके 29 कमेंट व 411 लाइक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा एसआईटी की पकड़ में आए गैंगस्टर संपत नेहरा को डर था कि गिरफ्तारी के बाद उसका एनकाउंटर किया जा सकता है। जिसके चलते संपत के नाम से फेसबुक पर बनाई गई आईडी पर 6 जून को रात में करीब दस बजे गिरफ्तारी के संबंध में पोस्ट डाल दी गई थी। रोहतक पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
हालांकि संपत नेहरा रोहतक से वांटेड नहीं था। मगर कारौर के आनंद हत्याकांड में उसके शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस ने आनंद के परिजनों की शिकायत पर संपत के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। बुधवार की रात में हरियाणा एसआईटी ने संपत को गिरफ्तार किया था।
क्या लिखा है पोस्ट में
संपत के नाम की फेसबुक पर बनाई गई आईडी पर छह जून की रात करीब 9:51 बजे एक पोस्ट डाली गई। जिसमें संपत ने कहा कि राम राम भाइयों। आज अपना भाई संपत नेहरा आंध्र प्रदेश से रोहतक पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस उसके साथ नाजायज व्यवहार करना चाहती है। जल्दी से जल्दी इस मैसेज को सेंड करो। फेसबुक पर संपत द्वारा डाले गए इस मैसेज पर अब तक 411 लाइक व 29 से ज्यादा कमेंट और 70 शेयर किए जा चुके हैं। एसपी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।