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रमेश बोहर को पुलिस ने थाने से दे दी जमानत, वर्जन से बचते नजर आए एसएचओ और अन्य अधिकारी

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रोहतक। लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन रविवार को सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच काठमंडी के मतदान केंद्र पर झड़प और रमेश लोहार की गिरफ्तारी से शहर का सियासी माहौल सोमवार को भी गरम रहा। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार रमेश लोहार को पुलिस ने सोमवार को शिवाजी कॉलोनी थाने से ही जमानत दे दी, लेकिन अधिकारिक तौर पर एसपी से लेकर एसएचओ तक बयान देने के लिए तैयार नहीं हैं। बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट का कहना है कि पुलिस सरकार के दबाव में लोकतंत्र का गला घोंट रही है। वे अदालत में याचिका दायर कर न्याय की मांग करेंगे।
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मतदान के दिन रविवार को भी रोहतक शहर में सियासी तनाव देखने को मिला। काठमंडी स्थित भारत टेक कन्या स्कूल में बूथ के अंदर सहकारिता मंत्री व कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने एक-दूसरे पर मतदान प्रभावित करने का आरोप लगाया। बतरा ने वीडियो वायरल कर बताया कि मंत्री पहले से बूथ के अंदर घुसे हुए थे। जब बाहर जाने के लिए कहा तो उलझ गए। बाद में पुलिस ने रमेश लोहार व उसके साथ सुनील मकड़ौली को गिरफ्तार कर लिया था। कब्जे से 15 कारतूस व दो डंडे बरामद किए थे। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर खास की सूचना पर की थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को रमेश व उसके साथी को पुलिस ने थाने से ही जमानत दे दी, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई भी पुलिस अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने रमेश व सुनील के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 483, 420, 34 के तहत केस दर्ज किया गया था।
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रमेश को जमानत मिल गई है। जमानत थाने से मिली या फिर कोर्ट से यह जनता कॉलोनी थाना प्रभारी ही बता सके ंगे।
-कमल जीत सिंह, एसएचओ, शिवाजी कॉलोनी
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रमेश को जमानत मिल गई है। मैं रिश्तेदारी में हूं बाद में बात करता हूं। जमानत कहां से मिली यह बताने से इनकार कर दिया।
-सुरेश कुमार, चौकी प्रभारी, जनता कॉलोनी
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इस संबंध में एसपी से भी बात करने के लिए चार बार कॉल की गई पर कॉल रिसीव नहीं की जा सकी।
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मुझे पता चला है कि पुलिस ने सरकार के दबाव में आकर रमेश व उसके साथी को थाने से ही जमानत दे दी। जबकि छोटे-छोटे मामलों में आरोपियों को पुलिस अदालत में पेश करती रहती है। जबकि इस केस को खुद पुलिस एक दिन पहले गंभीर बता रही थी। खुद एडीजीपी लॉ एंड आर्डर नवदीप विर्क ने ट्वीट किया था। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। वे अदालत की शरण में जाएंगे।
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-लोकेंद्र फौगाट, प्रधान जिला बार
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मंत्री ग्रोवर भूले संवैधानिक पद की मर्यादा : बीबी बतरा
कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा का कहना है कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर खुद को संविधान व कानून से ऊपर मानने लगे हैं। सत्ता के नशे में चूर होकर अपने पद की संवैधानिक मर्यादा भी भूल गए हैं। वे बताएं किस आधार पर बूथ के अंदर गए थे। निजी होटल में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि मंत्री 10 गाड़ियों के काफिले के साथ शहर में घूमते रहे और अनाधिकृत रूप से बूथों में प्रवेश कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करते रहे। जिस गाड़ी में मनीष ग्रोवर घूम रहे थे उसके लिए किसी प्रकार की अनुमति भी नहीं ली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया की बूथ कैप्चरिंग की जो कोशिश की गई वह प्री प्लान साजिश के तहत की गई थी। मतदाताओं को धमकाने का प्रयास कर मनीष ग्रोवर ने एक बहुत ही गंभीर अपराध किया है जिस पर उनके खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं, जिला बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने एसपी को लिखित शिकायत दी है कि मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
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हार देखकर बौखला गए कांग्रेसी : ग्रोवर
वहीं, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का कहना है कि उन्हें विश्वकर्मा स्कूल और भारतीय कन्या स्कूल में कांग्रेस के नेताओं द्वारा बूथ कैप्चरिंग की सूचना मिली तो वहां पहुंचे। वहां देखा कि स्कूल प्रांगण में पहले से ही कांग्रेस के दो दर्जन कार्यकर्ता मौजूद थे। पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा, बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेंद्र फोगाट और बलराज बल्ले समेत कई लोग मतदान केंद्र के अंदर की वीडियो बना रहे थे। मतदान केंद्र के अंदर की वीडियो बनाते हुए चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे थे। इतना ही नहीं, सरकुलर रोड पर बिजली निगम के दफ्तर पर बनाए गए बूथ की मारपीट की वीडियो भी भाजपा के कार्यकर्ताओं के हाथ लगी है, जिसमें कांग्रेस के कार्यकर्ता किस तरह मारपीट कर रहे हैं। इस संबंध में भी थाने में शिकायत दी गई है। जारी बयान में उनका कहना है कि कांग्रेस के नेता अपनी हार को देखकर बौखला गए हैं। इस कारण बेवजह के आरोप लगा रहे हैं।
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