फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट के आदेश पर फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के 14 छात्रों को सुपवा से निकाला

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। पंडित लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय ने कोर्ट के आदेश पर 14 विद्यार्थियों को निकाल दिया है। फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के इन विद्यार्थियों के खिलाफ 10 मई को विवि रजिस्ट्रार प्रो. भारती शर्मा ने वीसी को अभ्रदता करने की लिखित शिकायत दी थी। सोमवार को अदालत ने इन्हें समन भेजा। इसके तहत विद्यार्थियों ने अदालत में पेश होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इधर, सोमवार को फिल्म एप्रीसिएशन के विद्यार्थियों ने भी परीक्षा का बहिष्कार कर पीजी कोर्स के विरोध में चल रही हड़ताल को समर्थन दिया।
विज्ञापन

सोमवार को सुपवा के फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के 14 विद्यार्थी अदालत में पेश हुए। इन्हें कोर्ट से इस बारे में समन दिया गया था। दोपहर करीब तीन बजे विद्यार्थियों ने अदालत में अपनी हाजिरी लगवाई। यहां न्यायाधीश ने उनकी हड़ताल की वजह जानी तो विद्यार्थियों ने उन्हें अपनी मांगों का हवाला दिया। इसके बाद उन्हें डेढ़ घंटे बाद अदालत में दोबारा हाजिर होने के लिए कहा गया। जबकि विद्यार्थी वहां न जाकर विवि चले गए। बाद में अदालत ने उनके विवि से निष्कासन के आदेश जारी कर दिए। ये निर्देश विवि प्रशासन को भेज दिए गए हैं। अदालत ने अपने आदेश में विद्यार्थियों के विभाग पर तालाबंदी व यूनिवर्सिटी के दूसरे कामों में रोक लगाने पर प्रतिबंध लगाया है। वे दूसरे विद्यार्थियों पर परीक्षा का बहिष्कार करने का दबाव नहीं बनाएंगे। साथ ही कैंपस से 250 मीटर दूर रहकर प्रदर्शन करेंगे।
यह है मामला
सुपवा में बैचलर इन फि ल्म एंड टेलीविजन विभाग में सीटें बढ़ाने और नए शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले मास्टर्स इन मास कम्यूनिकेशन कोर्स के विरोध में विद्यार्थी छह मई से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को नारेबाजी की आवाज सुनकर रजिस्ट्रार प्रो. भारती शर्मा विभाग पहुंची। यहां विद्यार्थी आईटी इंचार्ज के कार्यालय में तालाबंदी करने को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच भीड़ की वजह से धक्का-मुक्की हुई और रजिस्ट्रार को धक्का लगा। इससे आहत रजिस्ट्रार ने विद्यार्थियों के खिलाफ वीसी को अभद्रता करने की लिखित शिकायत दी। यह शिकायत विवि की अनुशासन कमेटी को भेजी गई। कमेटी ने यह शिकायत कोर्ट को भेज दी।
विज्ञापन

-------
विद्यार्थियों ने शुक्रवार को आईटी इंचार्ज के कमरे में घुसकर अभद्रता करते हुए जबरदस्ती उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। मैं वहां पहुंची तो मुझे भी धक्का मारा। साड़ी का पल्लू खींचा। मेरे हाथ भी पकड़ कर दबा दिए। इस संबंध में मैंने वीसी को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद विद्यार्थियों के पास कोर्ट से समन आया। कोर्ट ने उन्हें विवि से निकालने का निर्देश दिया है। विद्यार्थियों को माफी तो नहीं दूंगी, वे चाहें तो अपनी कक्षाएं रेगुलर लगा सकते हैं। जायज मांगे मानी जाएगी।
विज्ञापन

-प्रो. भारती शर्मा, रजिस्ट्रार, सुपवा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें