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कांग्रेस सेवादल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन को चकमा देने का किया प्रयास

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रोहतक। कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं की बिजली-पानी व सुरक्षा के मुद्दे को लेकर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास को घेरने की योजना रविवार को धरी रह गई। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन को चकमा देकर मुख्य मार्ग की बजाए डीएलएफ कॉलोनी के रास्ते पीछे से मंत्री के आवास पर पहुंचने के प्रयास में थे, इस बीच जिला विकास भवन के पीछे प्रदर्शनकारियों व पुलिस में काफी झड़प भी हुई। पुलिस ने सहकारिता मंत्री के आवास की ओर जा रही गली के पिछले गेट को बंद करवा सभी को लगभग 250 मीटर की दूरी पर ही रोक लिया। हंगामे के दौरान कांग्रेसियों ने चेतावनी दी की यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ प्रदर्शन करने के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री को शहर में आने पर काले झंडे भी दिखाएंगे।
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जिला कांग्रेस भवन में रविवार को कांग्रेस के विभिन्न संगठनों ने कांग्रेस सेवादल के एनसीआर अध्यक्ष मोनू शर्मा व जिलाध्यक्ष पंकज सचदेवा की अध्यक्षता में बैठक की। दोनों के नेतृत्व में युवा महावीर पार्क होते हुए जिला विकास भवन के पीछे से डीएलएफ कॉलोनी से होते हुए सहकारिता मंत्री के आवास की ओर जाने लगे। जबकि दूसरी ओर स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी में खड़ी पुलिस टीम व अधिकारियों के पसीने छूट गए। जिला विकास भवन के पीछे ही प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने भरसक रोकने का प्रयास किया, इस बीच दोनों पक्षों में कहासुनी भी हो गई। इस दौरान पुलिस बल डीएलएफ कॉलोनी में पिछले गेट पर पहुंच गया और सहकारिता मंत्री के आवास की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर लगे गेट को बंद कर दिया और सड़क पर बैरिकेट्स लगा दिए। स्थिति यह रही कि प्रदर्शनकारियों से अधिक संख्या पुलिस बल की थी, इसके चलते किसी को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। तपती गर्मी में कार्यकर्ता सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व हरियाणा सरकार के विरोध में नारेबाजी करते रहे। एक बार पुलिस ने सभी को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी तो कोई पीछे नहीं हटा। इस पर कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता तो वह पूर्व सांसद दीपेंद्र व पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। यदि इस पर भी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह शहर में सीएम के आने पर उन्हें काले झंडे दिखाएंगे।

मोनू शर्मा ने कहा कि भाजपा शासनकाल में पिछले चार वर्षों से पानी व बिजली की भारी कमी बनी हुई है। रोजाना लंबे-लंबे बिजली कट लोगों को परेशान कर रहे हैं। पेयजल के नाम पर सीवर का गंदा पानी लोगों को मुहैया करवाया जा रहा है। शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं है। सहकारिता मंत्री का जिले के गांवों को 24 घंटे बिजली पहुंचाने का दावा झूठा साबित हो रहा है। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रोमी ग्रेवाल ने कहा कि कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति है। रोजाना हत्याएं, लूट, डकैती, चोरी आदि की घटनाएं हो रही हैं और पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। सीएम को इन मामलों में त्यागपत्र देना चाहिए। मौके पर कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष पंकज सचदेवा, रघुबीर सैनी, गुलशन इशपुनियानी, अशोक भाटी, हेमंत बख्शी, लाला प्रधान, राजीव अत्री, परमजीत पम्मी, गौरव पंडित, रमेश खुराना, कुलदीप, संजय दलाल, गीता भारती, सुरेंद्र बल्ली, निशु अरोड़ा, मेहर सिंह नैन, रिंकू हुडिया आदि मौजूद रहे।
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गली मोहल्लों में जनता ठीकरी पहरा देने को मजबूर : बख्शी
कांग्रेस नेता हेमंत बख्शी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की ओर से किए गए व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जन समस्या उठाने वाले लोगों को रोकने में बल दिखाने वाली पुलिस यदि अपराधियों को रोके तो ऐसी नौबत ही न आए। पुलिस की नाकामी के चलते गली मोहल्लों में जनता को ठीकरी पहरा देना पड़ रहा है। शहर में लूटपाट, चोरी, डकैती और हत्याएं हो रही हैं। अपराधी खुले आम घूम रहे हैं। इन सभी को देखते हुए विधायक एवं सहकारिता मंत्री को अपने पद से नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र दे देना चाहिए। बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले ही कोसों दूर हैं।
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