फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुपवा: शिकायत के बावजूद दो पीड़ित छात्राओं की शिकायत दर्ज नहीं कर रही पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। सुपवा के राजस्थान टूर वाले मामले में दो पीड़ित छात्राओं की पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। पुलिस ने राजस्थान टूर के दौरान छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ वाले मामले में 44 विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए हैं। विद्यार्थियों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर लिखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि बयान लिखे जाने के बाद उसे चेक किया तो पाया कि पुलिस ने कुछ भी वैसा नहीं लिखा, जो उसने बोला था। पुलिस को बुलाकर दोबारा अपनी स्टेेटमेंट चेक कराएंगे।
विज्ञापन

यह है मामला
सुपवा के डिजाइन विभाग के 40 विद्यार्थी 14 अप्रैल को राजस्थान टूर पर गए थे। टूर में छात्र-छात्राओं के अलावा एक लैब टेक्नीशियन, एक शिक्षिका व एक शिक्षक शामिल रहे। छात्राओं का आरोप है कि एफ सप्ताह के इस टूर में लैब टेक्नीशियन उदयपुर में शराब के नशे में बिना दरवाजा खटखटाए देर रात छात्राओं के कमरे में जाकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जबरदस्ती लड़कियों के साथ सेल्फ ी लेने का प्रयास करता था। विरोध करने पर मोबाइल में अश्लील फ ोटो दिखाकर घर फ ोन करने व फ ोटो भेज देने की धमकियां देता था।

पुलिस का कहना- जब कुछ हुआ ही नहीं तो एफआईआर किस चीज की
दो पीड़ित छात्राओं ने पुलिस पर शिकायत दर्ज ना करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कांस्टेबल का कहना है कि हमने नौ बच्चों की स्टेटमेंट ले ली है अब इसमें कुछ और नहीं जोड़ा जा सकता। हमने एफआईआर चढ़ा दी है। जिसको आरोपी ने टच किया था, एफआईआर उसी की होगी। जब कुछ हुआ ही नहीं तो एफआईआर किस चीज की करें। जबकि वह हमें कैंपस में बदनाम करता रहा है और टूर के दौरान भी उसने एडल्ट मैसेज व घर फोन करने की धमकी दी हैं।
विज्ञापन


रोज डे पर भी छात्रा के परिजनों को भेजे फोटो
छात्रा ने बताया कि आरोपी ने फरवरी में रोज डे पर उसके दोस्तों के साथ बैठे हुए फोटो लेकर उसके परिजनों को भेज दिए थे। इसके बाद घर में खूब हंगामा हुआ और परिजनों ने 15 दिनों तक कैंपस में भी नहीं जाने दिया था। पीड़ित छात्रा ने बताया कि टूर के दौरान छेड़छाड़ के बाद जब वापिस आ रहे थे, तब भी आरोपी ने बस में धमकी देते हुए कहा कि दूसरे सभी विद्यार्थियों को बोल तूने जो बोला था वैसा कुछ नहीं हुआ। छात्रा के परिजनों को भी लगातार केस वापिस लेने की धमकियां मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें