एसओटी में वरिष्ठ सर्जन ने नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा को मारी लात ---
35 घंटे बाद ‘मुझसे गलती हो गई सॉरी’ बोल कराया शांत
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के सर्जरी ऑपरेशन थियेटर में मंगलवार को सुबह वरिष्ठ सीनियर सर्जन डॉ. अनंत राय बंसल को बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा को लात मारना महंगा पड़ गया। बुधवार को सुबह से छात्राओं ने इस मुद्दे पर विरोध जताना शुरू किया और बुधवार को देर सायं तक इस बात पर अड़ी रही कि उनसे डॉक्टर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे या पुलिस डॉक्टर पर मामला दर्ज करे। हालांकि, विवाद बढ़ता देख घटना के 35 घंटा बाद कुलपति कार्यालय पर आ कर डॉक्टर ने माफी मांग ली और विवाद को शांत कराया।
संस्थान के आपरेशन थियेटर में मंगलवार को सुबह नौ बजे सर्जन आपरेशन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान नर्सिंग की एक छात्रा भी आपरेशन थियेटर में ओटी का कार्य सीखने के लिए आ गई। यहां गलती से छात्रा का हाथ सर्जन के गाउन को लग गया। छात्रा का आरोप है कि हाथ लगते ही डॉक्टर ने उसे पैर से मारा और धमका दिया। वह चुपचाप बाहर आ गई, जब उसने बाहर आकर घटना के बारे में बताया तो सबने उसे कहा कि वह चुप रहे। यहां हमेशा ऐसा ही होता है, डॉक्टर से कौन उलझे।
छात्रा ने इस घटना की जानकारी नर्सिंग स्टाफ को दी और वार्डन के माध्यम से प्राचार्या तक अपनी शिकायत पहुंचाई। छात्रा ने बताया कि कॉलेज के शिक्षकों और प्राचार्या की ओर से उस पर समझौता कराए जाने का दबाव बनाया जाने लगा। आरोपी डॉक्टर ने उससे कहा कि वह जा कर एमएलआर कटवा ले, वह उसका क्या कर सकती है। इस व्यवहार की चर्चा जब छात्राओं में हुई तो सभी ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर ली और सुबह से नर्सिंग कॉलेज के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहां से जुलूस के रूप में नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं कुलपति कार्यालय गई और घंटों विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे कार्यवाहक कुलपति डॉ. रोहतास यादव पहुंचे और सभी का पक्ष सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपी डॉक्टर छात्रा से अपनी गलती मान लेंगे व हंगामा बंद करें। इसके बाद भी छात्राएं देर सायं तक हंगामा करती रही, वह डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराने पीजीआईएमएस थाना भी गई। बाद में विवाद बढ़ने पर दिखावटी माफी मांगते समय तीन बार पैर मारने का तरीका बताया।
रात को लगाया कॉलेज की छुट्टी का नोटिस, मैस करा दी बंद
छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को बचाने के लिए उनके कॉलेज की छुट्टी कर दी। यहां तक कि छात्राओं को खाना न मिले इसीलिए मैस भी बंद करवा दी। इसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को दी तो वह सुबह मौके पर पहुंचे और उनके विरोध प्रदर्शन में उनके साथ शामिल हुए। मौके पर आए परिजनों ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए भेजा है न कि किसी की मार खाने। अब तो स्कूल में भी बच्चों की पिटाई नहीं की जा सकती है तो नर्सिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स में कोई लात कैसे मार सकता है।
डॉक्टरों का पक्ष और छात्रा का आरोप
ऑपरेशन थियेटर में छात्रा को लात मारे जाने की घटना पर संस्थान के डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी सर्जन के लिए सबसे जरूरी होता है कि ओटी, ओटी का सामान और वह स्वयं संक्रमण मुक्त रहे। ऐसे में सर्जन तक या ओटी टेबल तक किसी का जाना मरीज के हित में नहीं होता। डॉक्टर छात्रा को जानते भी नहीं थे वह लात क्यों मारेंगे। ओटी में सर्जन ने पैर से हटने को कहा होगा, जिसे छात्रा ने समझ लिया कि उसे लात मारी गई है। इसके लिए उन्होंने विभागाध्यक्ष के समक्ष माफी भी मांग ली, इसके बाद मामले को बेवजह तूल बनाया गया। वहीं शिकायतकर्ता छात्रा ने डॉक्टरों के इस बयान का खंडन करते हुए कहा है कि गाउन को हाथ लगने से संक्रमण होता है या ओटी के गंदा रहने से। डॉक्टर पहले ओटी की हालत देख लें, फिर उन्हें समझाएं कि सफाई क्या होती है।
देर शाम कुलपति कार्यालय पर मांगी माफी
देर सायं आठ बजे कुलपति कार्यालय पर सर्जन डॉ. एआर बंसल, आरडीए प्रधान डॉ. जंगबीर ग्रेवाल, हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन व नर्सिंग एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही सर्जन ने छात्राओं को कहा कि वह पहले भी माफी मांग चुके हैं और फिर माफी मांग लेते हैं। उनकी छात्रा को धमकाने जैसी कोई मंशा नहीं थी। वहीं डॉक्टर के माफी मांगते ही मौके पर बनाई गई वीडियो को वायरल कर दिया गया। छात्राओं ने बताया कि देर रात उनकी कॉलेज प्रिंसिपल हॉस्टल में आईं और उन पर अपना गुस्सा उतारने लगीं। उन्होंने छात्राओं को बताया कि 20 जून तक उनकी छुट्टी कर दी गई है।