ट्रक ने बाइक और कार को रौंदा, एक परिवार के तीन समेत रेवाड़ी के पांच की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रूखनगर/पटौदी/रेवाड़ी।
पटौदी-गुरुग्राम हाईवे पर जमालपुर चौक के पास रेवाड़ी के गांव शादीपुर से होली मनाकर लौट रहे कार सवार एक ही परिवार के तीन लोगाें समेत पांच को ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में मारे गए दो अन्य बाइक सवार रेवाड़ी के गांव मालाहेड़ा निवासी थे। वे लोग आईएमटी स्थित एक निजी कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। मृतकों में 4 पुरुषों और एक महिला समेत 5 लोग शामिल हैं। हादसे में तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। फर्रूखनगर थाना पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस के मुताबिक, रेवाड़ी के गांव मालाहेड़ा निवासी बाइक सवार कर्ण व बिंटू बाइक से आईएमटी स्थित एक निजी कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। गुरुग्राम की तरफ से आ रहे ट्रक चालक ने जमालपुर चौक पर बाइक सवार को रौंदते हुए वैगनआर कार के ऊपर चढ़ गया। दोनों बाइक सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में सवार छह लोगों में से सुनील, राकेश और ऊषा की मौके पर ही मौत हो गई। प्रिंस और यश और राकेश की पत्नी ज्योति गंभीर रूप से घायल हैं। इनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। कार सवार घायल ज्योति के बयान पर फर्रूखनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार रेवाड़ी के गांव शादीपुर से सुनील का परिवार होली मनाने के बाद शुक्रवार देर शाम गुरुग्राम भोंडसी स्थित अपने घर लौट रहा था।
तेज रफ्तार ने तबाह कर दिए दो परिवार
रेवाड़ी।
गुरुग्राम से अपने गांव शादीपुर में मां और भाइयों के साथ होली मनाने आए सुनील और राकेश ने नहीं सोचा था कि यह उनका आखिरी होली मिलन होगा। शुक्रवार रात को गुरुग्राम लौटते समय तेज रफ्तार ट्रक ने कार के परखच्चे उड़ा दिए। इसमें दोनों भाइयों समेत सुनील की पत्नी उषा की भी मौत हो गई। हादसे में राकेश की पत्नी ज्योति और दो छोटे बच्चे प्रिंशु और डूग्गू गंभीर घायल हैं। हंसता- खेलता परिवार एक झटके में तबाह हो गया। हादसे की सूचना पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। किसी के घर चूल्हा नहीं जला। शनिवार शाम को तीनों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में 55 वर्षीय शांति का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों के बड़े भाई सूबे सिंह और होशियार कभी स्वयं को संभालते है तो कभी परिवार के अन्य सदस्यों को ढांढस बंधा रहे हैं।
सुनील और राकेश दोनों भाई गुरुग्राम में नौकरी करते थे। दो बड़े भाई गांव में रहते हैं। परिवार के सभी सदस्य गांव में ही मां के साथ त्योहार मनाते थे। दोनों भाई परिवार के साथ अपने गांव में मां और भाइयों के साथ होली मनाने आए थे। दुल्हेंडी खेलने के बाद दोनों भाई अपने बच्चों के साथ वापस गुरुग्राम लौट रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। गांव के सरपंच अभय सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों और एक की पत्नी की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है। शुक्रवार रात केे हादसे की सूचना मिलते ही गांव के लोग गुरुग्राम की तरफ चल पड़े। लोग किसी भी तरह दोनों भाइयों के परिवार की सलामती की दुआ कर रहे थे। बड़े भाई होशियार ने बताया कि उन्होंने दिन में सबसे होली खेलने के बाद दोनों भाई अपने बच्चों के साथ गुरुग्राम के लिए निकले थे, लेकिन होनी को कुछ ओर ही मंजूर था। एक झटके में पूरा परिवार बिखर गया। तेज रफ्तार ट्रक के कहर ने दोनों भाईयों का परिवार बर्बाद कर दिया।