रोहतक। अग्रसेन चौक के नजदीक अपरोच रोड पर कांग्रेस समर्थक विनय मित्तल व उसके चाचा मोहन मित्तल के घर पर लगे कांग्रेस के झंडे उतरवाने पर रविवार सुबह हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेसियों के कड़े विरोध के बाद प्रशासन की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
अपरोच रोड निवासी विनय मित्तल ने बताया कि उसकी अपरोच रोड पर दुकान है। दुकान के ऊपर मकान है, जहां उसने व उसके चाचा मोहन मित्तल ने कांग्रेस का झंडा लगा रखा है। दोपहर करीब 11 बजे प्रशासन की एक गाड़ी आकर रुकी। गाड़ी में तीन-चार पुलिसकर्मी और एक अधिकारी था। अधिकारी ने नीचे उतरते ही कहा कि किसकी अनुमति से घर पर झंडा लगाया है। उसने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी का समर्थक है। झंडा लगाने के लिए किसी की अनुमति का प्रावधान नहीं है। मित्तल का आरोप है कि इस पर अधिकारी ने कहा कि जब एफआईआर होगी, तब पता चलेगा। उसने गाड़ी में डालने के लिए कहा। मित्तल का कहना है कि वह खुद ही गाड़ी में जाकर बैठ गया। बोला, चलो कहां चलना है। मौके पर भीड़ जमा हो गई। मामले की सूचना कांग्रेसियों ने पार्टी के नेताओं को दी। पूर्व शहरी इकाई अध्यक्ष सतीश पंसारी और सुशील पोपट मौके पर पहुंचे। पंसारी ने अधिकारी से कहा कि वे बताएं कौन से नियम के तहत घर पर अपनी पार्टी का झंडा नहीं लगा सकते। दूसरा, पूरे बाजार में भाजपा के झंडे लगे हैं। उनको उतारने की बजाए कांग्रेसियों के घरों पर लगे झंडे रड़क रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि वे घर के नहीं, सड़क पर लगे झंडे उतरवाने आए थे।
-------
फोन पर डीसी से करवाई अधिकारी की बात
सतीश पंसारी ने बताया कि उसने डीसी आवास पर फोन मिलाया और डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर यश गर्ग को पूरे मामले के बारे में अवगत कराया। इसके बाद डीसी की अधिकारी से बात करवाई। इसके बाद टीम वापस लौट गई। हालांकि, पूछने पर अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताया।
-----
चुनाव आचार संहिता के अंदर घर पर झंडा लगाने के लिए अनुमति लेने या न लेने को लेकर अभी नियम स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नियमों में कुछ प्रावधान बताया गया है। राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। ऐसे में अभी किसी के घर से झंडा नहीं उतरवाया गया है।
-डॉक्टर यश गर्ग, डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी
...
घर पर लगने वाले झंडे का साइज तय
घर पर लगे झंडे का साइज तय है। तय साइज से ज्यादा लंबा व चौड़ा झंडा नहीं लगाया जा सकता। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने के बाद फील्ड में गई टीमों को हिदायत दी जाएगी।
-राकेश कुमार, एसडीएम