अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जेटीए (जूनियर तकनीकी सहायक) मदीना गांव निवासी चांद सिंह दांगी और गोदाम कीपर घरोंठी गांव निवासी रामकेश राठी को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के मामले में चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही रिश्वत मांगने व लेने पर रामकेश पर 10-10 हजार और चांद पर 25-25 हजार जुर्माना लगाया गया है।
विजिलेंस के मुताबिक गिरावड़ गांव निवासी राजकुमार ने 11 मई 2015 को शिकायत दी कि वह लाखनमाजरा स्थित गेहूं खरीद केंद्र में आढ़ती है। उसका खरीदा गया 7-8 ट्रक गेहूं पड़ा था, जिसे सरकारी एजेंसी द्वारा खरीद के बाद गोदाम में रखवाया जाना था। उसने हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जेटीए चांद दांगी से संपर्क किया। दांगी ने कहा कि 60 हजार रुपये रिश्वत देनी पड़ेगी, तब गेहूं की खरीद कर गोदाम में रखा जाएगा। शिकायतकर्ता ने गोदाम कीपर रामकेश राठी से संपर्क किया। उसने कहा कि जेटीए से आदेश मिला है कि आढ़ती जब रिश्वत की रकम देगा, तब गेहूं गोदाम में जाएगा। विजिलेंस ने रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया। साथ ही डीसी की अनुमति से ड्यूटी मजिस्ट्रेट व छाया गवाह तैयार कर लाखनमाजरा अड्डे के नजदीक मंडी में छापा मारकर गोदाम कीपर से रिश्वत के 60 हजार रुपये बरामद किए। इसके बाद रामकेश राठी व चांद सिंह दांगी को गिरफ्तार कर विजिलेंस ने अदालत में पेश किया। तभी से दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 व 13 के तहत अदालत में केस चल रहा था। शुक्रवार को अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल की सजा व 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया।