दिल्ली, हरियाणा, जयपुर में खूनी खेल खेलने की तैयारी में था क्रांति गैंग, दिल्ली का नेता भी था निशाने पर
- रोहतक की सीआईए-2 द्वारा पकड़े गए इनामी व अन्य ने किया पूछताछ में खुलासा
- रंगदारी नहीं देने वालों की दस दिन के अंदर करनी थी हत्या
- खूनी खेल खेलने के लिए पंजाब से की गई थी हथियारों की खरीददारी
महबूब अली
रोहतक। दिल्ली की स्पेशल सेल यदि क्रांति गैंग के सरगना राजेश भारती, संजीत बिदरो समेत पांच का एनकाउंटर नहीं करती तो दिल्ली ही नहीं हरियाणा, पंजाब में खूनी खेल खेला जाता था। बार-बार कॉल करने बाद भी रंगदारी नहीं देने वाले 15 व्यापारियों की गिरोह को दस दिन में हत्या करनी थी। दिल्ली का एक नेता भी गिरोह के निशाने पर था। पुलिस की पूछताछ में सीआईए-2 द्वारा पकड़े गए क्रांति गैंग के छह सदस्यों ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। खून खराबा करने के लिए गिरोह के सदस्यों ने पंजाब से हथियार भी खरीद लिए थे।
सीआईए-2 प्रभारी आजाद सिंह और उनकी टीम ने क्रांति गैंग के सक्रिय सदस्य पचास हजारी बहु अकबर पुर निवासी राहुल, झज्जर निवासी चालीस हजार के इनामी कपिल, मुरादपुर टेकना निवासी 25 हजारी अभिषेक समेत छह को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से छह देशी पिस्तौल, कारतूस भी बरामद किए गए।
सीआईए के सूत्रों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि राजेश भारती ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब के व्यापारियों से पचास लाख से लेकर एक करोड़ तक की रंगदारी मांगी हुई थी। कुछ ने राजेश को रंगदारी दे दी थी मगर 10 से अधिक व्यापारी रंगदारी नहीं दे रहे थे। उक्त सभी व्यापारियों की दस दिन के अंदर गिरोह के सदस्यों को हत्या करनी थी। इसके लिए गिरोह के सदस्यों ने पंजाब से हथियार भी खरीद लिए थे। यहीं नहीं गिरोह के सदस्यों को दिल्ली के एक नेता पर शक था कि वह गिरोह को पकड़वाने में पुलिस का सहयोेग कर रहा है। उक्त नेता को खुद राजेश भारती ने भी पुलिस से दूर रहने की धमकी दी थी। मगर इससे पूर्व ही दिल्ली की स्पेशल सेल ने राजेश, संजीत, उमेश को एनकाउंटर में मार गिराया था।
एनकाउंटर के बाद भी दिल्ली में शरण लिए थे गिरोह के फरार अन्य सदस्य
रोहतक। दिल्ली एनकाउंटर के बाद भी क्रांति गैंग के फरार अन्य सदस्य दिल्ली के ही एक फ्लैट में शरण लिए हुए थे। हालांकि कुछ सीधे हिमाचल पहुंच गए थे। रोहतक में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह यह चौंकाने वाला खुलासा किया है।
सीआईए-2 के अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में पता चला है कि दिल्ली एनकाउंटर के बाद गिरोह के सदस्य पूरी तरह से डर गए थे। उन्हें भी एनकाउंटर में मरने का डर था। जिसके कारण कुछ सदस्य दिल्ली के एक फ्लैट जबकि कुछ सदस्य हिमाचल पहुंच गए थे। कई दिन तक वहीं पर रहे। एनकाउंटर के बाद दिल्ली में सिर्फ दो दिन तक सदस्य रहे। इसके बाद रोहतक व आसपास क्षेत्र में शरण लिए थे।
कई बार गिरोह के सदस्य भी राजेश भारती बनकर मांगते थे रंगदारी
पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने खुलासा किया है कि कई बार वह भी खुद को राजेश भारती बताकर व्यापारियों से रंगदारी मांगते थे। यहीं नहीं रंगदारी देने में आना कानी करने पर व्यापारी को मारने की धमकी दी जाती थी। कई बार कपिल, उमेश ने भी व्यापारियों से राजेश बनकर रंगदारी मांगी थी।