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ब्लॉक समिति का फर्जी चेयरमैन बनकर किया ब्लैकमेल

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। खुद को ब्लॉक समिति रोहतक का चेयरमैन बताकर और अधिकारों का फायदा उठाक र ब्लैकमेल करने के मामले का खुलासा हुआ है। इस संबंध में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने बताया कि कुछ समय से एक आरोपी के बारे में लगातार शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि लाढ़ौत निवासी संजय सिंह खुद को ब्लाक समिति रोहतक का चेयरमैन बताता है। वह जिले में कार्यरत विभिन्न आयुष डिस्पेंसरियों में जाकर स्टाफ को धमकाता है। आरोपी कर्मचारियों पर तरह-तरह के दबाव बनाता है। आरोपी ने स्टाफ को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट खराब करने की भी धमकी दी। आरोप है कि इस तरह की धमकी देकर आरोपी कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि फर्जी चेयरमैन के इस तरह के व्यवहार से आयुष की डिस्पेंसरियों में कार्यरत स्टाफ परेशान हो चुका है। आरोप है कि फर्जी चेयरमैन संजय सिंह ने 18 मई 2017 को जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के कार्यालय आया। उसने यहां भी खुद को ब्लाक समिति चेयरमैन बताया। इस पर अधिकारी को शक हुआ। उन्होंने आरोपी से कहा कि ब्लॉक समिति का चेयरमैन तो अजीत सिंह है, न कि संजय सिंह। इस पर फर्जी चेयरमैन ने कहा कि दोनों नाम मेरे ही हैं और गांव में मुझे ज्यादातर लोग संजय के नाम से जानते हैं। खुद की पोल खुलता देख आरोपी मौके से चला गया।
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जिला आयुर्वेदिक अधिकारी का आरोप है कि आरोपी ने कई बाद कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। साथ ही प्रदेश सरकार के सदस्यों से जान-पहचान बनाकर दबाव बनाने की कोशिश की। जब मामला ज्यादा बढ़ गया तो विभाग ने आरोपी के बारे में पड़ताल की। इससे पता चला कि संजय सिंह नामक कोई भी व्यक्ति ब्लाक समिति रोहतक का चेयरमैन नहीं है। ब्लाक समिति रोहतक के चेयरमैन अजीत सिंह के दो नाम भी नहीं हैं।
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इसके बाद बीडीओ राजपाल चहल से भी पूरे मामले में जानकारी ली गई। यहां पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि संजय सिंह नामक व्यक्ति चेयरमैन ब्लाक समिति रोहतक अजीत सिंह का रिश्ते में भाई है। संजय ही ब्लॉक से संबंधित कार्यों के लिए अजीत सिंह स्थान पर ब्लॉक कार्यालय में आता है। आरोप है कि आयुष डिस्पेंसरियों में कार्यरत स्टाफ की एसीआर पर भी संजय सिंह ही चेयरमैन अजीत सिंह के फर्जी हस्ताक्षर भी करता है। पूरे मामले की रिपोर्ट डीसी को भेज दी गई है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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