अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान धरना स्थल से सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो जारी करने के मामले में कबूलपुर निवासी राहुल दादू ने शुक्रवार को जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। क्योंकि अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने अदालत के अंदर बिना गिरफ्तारी चालान दाखिल किया था। अदालत से नोटिस मिलने के बाद राहुल अपने वकील जितेंद्र हुड्डा के माध्यम से कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में शहर में आगजनी व हिंसा हुई। कबूलपुर निवासी राहुल दादू को सीबीआई ने वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी आगजनी मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए। 2017 में जसिया में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से तीन माह धरना शुरू किया गया था, जबकि राजीव गांधी स्टेडियम के सामने जाट जागृति सेना के संयोजक राहुल दादू ने भूख हड़ताल शुरू की थी। राहुल व उसके साथी विकेश दहिया और मोनू फरमाना सहित अन्य युवकों की मांग की थी कि जेल में बंद युवाओं को केस खत्म करके रिहा किया जाए। इसी बीच पुलिस आंदोलनकारियों को उठाने गई तो वहां उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी बीच राहुल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी की, जिसमें भड़काऊ शब्द कह गए थे। पुलिस ने उस वीडियो के आधार पर राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत का नोटिस मिलने के बाद पता चला कि राहुल दादू के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का भी केस दर्ज है। राहुल शुक्रवार दोपहर अदालत में पेश हुआ, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जल्द चालान की कॉपी अदालत से निकलवाकर कानूनी लड़ाई की तैयारी करेंगे।
एडवोकेट जितेंद्र हुड्डा, वकील बचाव पक्ष
महम से शुरू करेंगे जेल से आए युवक यात्रा
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में सीबीआई कोर्ट से जमानत मिलने पर बाहर आए युवक धर्मेंद्र हुड्डा ने बताया कि पहले 9 फरवरी को जेल से आए युवक व 36 बिरादरी के लोग हांसी के सिसाय गांव से दिल्ली के जंतर-मंतर तक मांगों को लेकर पैदल यात्रा निकालेंगे। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोड जाम के मामले में पांच साल की सजा काट रहे युवक सूरज के पिता का देहांत होने के कारण यात्रा अब शनिवार सुबह 10 बजे से महम चौबीसी के चबूतरे से निकलेगी।