हथियार बनाते दो लोग गिरफ्तार, तीसरा फरार होने में हुआ कामयाब
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। झज्जर के गांव बहराना में अवैध हथियार बनाने के धंधे में लगे लोगों को जब पुलिस का डर सताया तो करीब 2 साल पहले उन्होंने जींद के विकास नगर में एक किराये का कमरा लेकर फैक्टरी शुरू कर दी। यहां से अवैध हथियार बनाकर सप्लाई किए जाने लगे। सोमवार सुबह जब सोनीपत एसटीएफ ने यहां रेड मारी तो इस फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ और भारी मात्रा में अवैध हथियार और हथियार बनाने का सामान बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार झज्जर का गांव बहराना अवैध हथियार बनाने को लेकर पुलिस की रडार पर था जिस कारण ही जिला झज्जर के गांव बहराना निवासी विनोद उर्फ खिम्मा हाल आबाद विकास नगर ने यहां हथियार बनाने का धंधा शुरू किया। बताया जाता है कि जिस कमरे में विनोद किराए पर रहता है, वह कुलदीप का मकान है। कुलदीप विनोद के सामने वाली गली में ही रहता है।
एसटीएफ ने सुबह करीब 11 बजे विकास नगर के एक घर में छापा मारा तो एक व्यक्ति छत से कूद कर फरार हो गया, जबकि दो व्यक्ति हथियार बनाने में लगे हुए थे जिन्हें काबू कर लिया गया। इनकी पहचान जिला झज्जर के गांव बहराणा निवासी विनोद उर्फ खिम्मा हाल आबाद विकास नगर जींद व दिल्ली के हमीदपुर निवासी दीपक उर्फ गोलू के रूप में हुई। आरोपियों ने फरार हुए युवक का नाम संदीप उर्फ रामू गांव रामगढ़, जींद बताया। इससे पहले एसटीएफ ने शहर थाना पुलिस को अपनी छापेमार कार्रवाई के बारे में सूचना दे दी थी। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो पिछले कमरे में टीवी ट्राली के नीचे रखे पांच अवैध हथियार बरामद हुए। इनमें दो देसी पिस्तौल 315 बोर, एक देसी पिस्तौल 32 बोर, एक रिवाल्वर 32 बोर व एक दो नाली बंदूक 12 बोर बरामद हुई। इसके साथ एक पन्नी में दो रौंद 315 बोर, दो रौंद 32 बोर, तीन खाली रौंद 32 बोर व दो रौंद 12 बोर मिले। पुलिस को यहां से तीन अधूरे तैयार देसी पिस्तौल भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इसके बाद कमरे में एक भट्ठी, एक चिमटा, कटर ग्राइंडर, बॉक सिकंजा, बिट की चाबी, 20 बड़े व छोटे स्प्रिंग, बीट सैट, आरी ब्लेड डिब्बा, पांच छोटे-बड़े हथौड़े, 14 छोटी-बड़ी चाबियां, चार छोटी-बड़ी छेनी, पाइप रैंच, छह छोटे-बड़े पेचकस, लोहा आरी, दो प्लास, एक लोहे की एंगल के साथ-साथ भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने इस संबंध में तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार बनाने का मामला दर्ज किया। एसटीएफ दो आरोपियों के साथ सामान सामान जब्त करके सोनीपत ले गई।
आरोपी की मां-बेटी ने कहा- पुलिस ही सामान लाई और कमरे में रखकर फोटो खींचे
आरोपी विनोद की पत्नी नीलम व उसकी 15 वर्षीय बेटी ने कहा कि विनोद दो साल से टीबी का मरीज है। वह रोहतक से दवाई लेकर आता है। छह जुलाई को विनोद सुबह दवाई लेने के लिए रोहतक गया था लेकिन रात नौ बजे तक नहीं लौटा। रात साढ़े नौ बजे पुलिस ही विनोद को लेकर आई। विनोद को घर लाकर बैठा दिया और कुछ सामान घर से लेकर वापस विनोद को भी साथ लेकर चली गई। इसके बाद सोमवार सुबह 11 बजे पुलिस विनोद को लेकर फिर आई और काफी सामान गाड़ी से उतार कर घर के अंदर रख दिया। इसके बाद पुलिस ने फोटो खींचे और वीडियो बनाई। इसके बाद पुलिस 30 मिनट में ही वापस विनोद व सामान को लेकर लौट गई। विनोद की पत्नी नीलम ने बताया कि विनोद एक लोहे के गेट व जाली बनाने वाली दुकान पर काम करता था। बीमारी के कारण अब वहां भी नहीं जा रहा था। नीलम ने कहा कि पुलिस ने जिस व्यक्ति को विनोद के साथ गिरफ्तार करना दिखाया है, वह उसे जानती तक नहीं और वह व्यक्ति कभी उनके घर भी नहीं आया।
किराया तक समय पर नहीं दे पा रहा था विनोद
मकान मालिक कुलदीप ने कहा कि उसने दो साल पहले विनोद को कमरा किराए पर दिया था। विनोद काफी समय से बीमार चल रहा था। उसकी पत्नी दूध बेच कर गुजर-बसर कर रही है। उन्होंने 1500 रुपये प्रति महीना विनोद को कमरा किराए पर दिया हुआ है लेकिन विनोद की आर्थिक हालत खराब होने के कारण वह समय पर किराया भी नहीं दे पा रहा था। विनोद के पड़ोसियों ने भी यही बात कही।