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तीनों साथ रहते, साथ खाते अब चिताएं भी जलीं तो साथ-साथ
- तीन जवान मौतों के कारण गांव में पसरा मातम, नहीं जले चूल्हे, परिजनों का रो-रोकर था बुरा हाल
महबूब अली
रोहतक।
भंडेरी गांव के पास गन्ने से भरे ट्रक की चपेट में आकर मरे चिड़ी गांव के तीनों युवकों के बीच गहरा याराना था। गांव के लोग तीनों दोस्तों की दोस्ती की मिसाल दिया करते थे। मृतक अमित के ताऊ महेंद्र सिंह ने बताया कि तीनों की दोस्ती को देखते हुये ही शवों का आसपास ही अंतिम संस्कार कराया गया।
हादसे में मरे 24 वर्षीय अमित के पिता दिलबाग सिंह ने बताया कि अमित, मोहित व सुभाष के बीच दोस्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्सर तीनों एक दूसरे के घर खाना खाते थे। शादी समारोह में भी एक साथ ही शामिल होते थे।
इस हादसे के बाद गांव के कई घरों में तो चूल्हे तक नहीं जले। मृतक अमित की मां निर्मला बार बार बेहोश हो रही थी। मोहल्ले के लोग ही पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुये थे। तीन मौतों से हर किसी की आंखें नम थीं।
शुक्रवार की रात में सड़क हादसे में तीनों की मौत के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया था। शनिवार को 12 बजे के बाद ही तीनों के शव गांव में पहुंचे। शवों के गांव में पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
बुआ के बेटे से लगाव मौत के पास खींचकर लाया
मोहित को अपने बुआ के बेटे अजय से बहुत लगाव था और यह लगाव ही उसे मौत के पास तक खींचकर ले आया। मोहित के भाई
राजेश ने बताया आहुलाना में उनकी बुआ रहती है और मोहित के पास शुक्रवार शाम को उनकी बुआ के बेटे अजय का फोन आया था।
जिसने कहा था कि उसका मोहित से मिलने का मन कर रहा था, जिस पर मोहित ने जल्द ही आहुलाना आने की बात कही थी। लेकिन
मोहित को कुछ देर बाद ही अपने दोनों दोस्त अमित व सुभाष मिल गए और उनका आहुलाना जाने का तुरंत ही प्लान बन गया। इसके
बाद ही तीनों बाइक पर सवार होकर आहुलाना के लिए रवाना हो गए, क्योंकि मोहित अपनी बुआ के बेटे अजय से मिलना चाहता था।
लेकिन मोहित व उसके दोस्तों को यह नहीं पता था कि इस तरह रात में जाना खतरनाक हो सकता है और इसमें ही उनकी जिंदगी चली
गई।
कम उम्र में ग्राम पंचायत सदस्य बनने पर ग्रामीणों ने किया था स्वागत
अमित के ताऊ महेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दिनों ही अमित ने ग्राम पंचायत वार्ड नंबर 13 से सदस्य पद पर चुनाव लड़ा था। कम उम्र में चुनाव में जीत दर्ज कर रिकार्ड कायम किया था। अमित गांव में सबसे कम उम्र में ग्राम पंचायत सदस्य बने। जिस पर ग्रामीणों ने अमित का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया था। अमित परिवार में इकलौता लड़का था। उसके परिवार में दो बहन रीना व रेखा और हैं।
अब कौन करेगा पूर्व फौजी के परिवार का गुजारा
गन्नें से भरे ट्रक की चपेट में आकर मरे 23 वर्षीय सुभाष कुमार के पिता रघुवीर सिंह पूर्व फौजी थे। तीन साल पूर्व ही बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। सुभाष के अलावा परिवार मं भाई सुरेंद्र, बहन सुदेश, सुमन व मां रोशनी देवी है। सुभाष ही खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। अब सुभाष की मौत के बाद परिवार के समक्ष दो वक्त की रोजी रोटी का संकट भी आन खड़ा हो गया है। सुभाष की मां रोशनी बार बार परिवार के पालन पोषण की बात कहकर ही बिलख रही थी। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुये थे।
रोहतक के चिड़ी गांव के तीन युवकों की बाइक में गन्ने से भरे ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिससे उन तीनों की मौत हो गई। इस मामले
में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और ट्रक को कब्जे में लेने के साथ ही चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं तीनों युवकों के
शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
-वीरभान सिंह, एसएचओ बरौदा
बहन का रिश्ता पक्का करने से एक दिन पहले छूटा भाई का साथ
लाखन माजरा (रोहतक)। अमित की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि अमित की बहन को देखने के लिये रविवार को ही मेहमान आने वाले थे। मगर इससे पूर्व ही अमित की सड़क हादसे में मौत हो गई। खुशियां मातम में बदल गई।
तीनों दोस्ती की नहीं हुई थी शादी
गन्ने से भरे ट्रक की चपेट में आकर मरने वाले चिड़ी गांव के तीनों दोस्तों की अभी शादी नहीं हुई थी। परिजन तीनों की ही शादी तय करने में लगे थे। तीनों के व्यवहार को लेकर भी हर कोई उनकी सराहना करता नजर आया।
25 को होनी थी ट्रैक्टर प्रतियोगिता
सड़क हादसे में मरने वाले चिड़ी गांव के तीनों दोस्त बैलों की तर्ज पर आगामी 25 फरवरी को गांव में ट्रैक्टर दौड़ आयोजित कराना चाहते थे। दौड़ के संबंध में भी तीनों लोगों की पर्चियां काटने के लिये आहुलाना जा रहे थे। हालांकि मोहित को अपनी बुआ के यहां भी जाना था।
विवाह कार्यक्रम पडे़ फीके
चिड़ी गांव के तीन दोस्तों की मौत से गांव में सन्नाटा छा गया। शनिवार को विवाह शादियों के कार्यक्रम भी गांव में ज्यादा थे। शादी समारोह में एक तरह से वीरानी छाई रही।