इतनी भयंकर गर्मी में आम जनता के हिस्से में आने वाला पानी सड़कों पर बह रहा है। जलघर में आने वाला पानी रजवाहे की साफ-सफाई और देखरेख नहीं होने से सोनीपत रोड पर ओवरफ्लो होकर बह रहा है। सोनीपत रोड पर जलभराव के चलते महिलाओं को सेक्टरों से घूमकर गांव में प्रवेश करना पड़ रहा है।
बोहर से शीला बाईपास तक नहरी पानी लाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को तकरीबन ढाई किलोमीटर की भूमिगत पेयजल लाइन बिछानी थी। इसके लिए सवा करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी पास हुआ और काम भी शुरू हुआ। प्रोजेक्ट के लिए कंकरीट की पाइपलाइन भी आ गई और विभाग ने नियमानुसार 60 फीसदी पेमेंट भी कर दी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक साल नौ माह का समय था, लेकिन यह चार साल बाद भी अधूरा है। इस कार्य को ठेकेदार भी अधूरा छोड़ गए। विभाग की माने तो इस प्रोजेक्ट की आधी से अधिक राशि भी खर्च हो चुकी है। हालांकि अधिकारी इस प्रोजेक्ट को अधूरा छोड़ने के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार मानते हैं। विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके समय में ढाई किलोमीटर के प्रोजेक्ट में से पौना किलोमीटर का कार्य रह गया था। वह प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत कार्य पूरा करके सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ यह वर्तमान के अधिकारी बता सकते हैं।
शिकायत के बाद भी विभाग नहीं करा रहा समाधान
जल घर एक के उपभोक्ता राशनिंग के समय बूंद-बूंद पानी को तरसते हैं और यहां सड़क पर पानी बहता रहता है। सड़क पर पानी बहने से कई बार सड़क भी टूट जाती है और स्थानीय लोग भी इसका विरोध करते हैं। इसके बावजूद रजबाहा और टूटी लाइन से पानी का बहना लगातार जारी है। विभाग द्वारा इसका समाधान नहीं किया जा रहा है।
एक नजर में
बोहर नाका से जुलाई 2017 में रजवाहे में पाइप बिछाने का शुरू हुआ कार्य।
मार्च 2018 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट।
1.89 करोड़ रुपये के बजट की मिली थी मंजूरी।
सितंबर 2018 तक 20 प्रतिशत ही हुआ कार्य।
31 दिसंबर 2018 तक काम पूरा करने के लिए ठेकेदार ने ली थी मोहलत।
प्रोजेक्ट तो अभी अधूरा ही है, अगर सोनीपत रोड पर जलभराव की समस्या है तो उसे तुरंत ठीक करवा दिया जाएगा। राहगीरों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही प्रोजेक्ट को भी पूरा करने का काम किया जाएगा। - आरके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग