कोविड-19 के प्रदेश प्रमुख नोडल अधिकारी एवं पीजीआईएमएस के सीनियर प्रोफेसर डॉ. ध्रुव चौधरी व उनकी एमबीबीएस बेटी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। यह खुलासा पीजीआईएमएस की वायरोलॉजी लैब से वीरवार आई रिपोर्ट से हुआ। नोडल अधिकारी की पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही संस्थान में हड़कंप मच गया। शुरुआत से ही डॉ. चौधरी फ्रंट पर कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं, उनके नेतृत्व में करीब 100 सदस्यों की टीम काम कर रही है। उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग में संस्थान के कुलपति, निदेशक, एमएस, डीएमएस, उपायुक्त सहित 110 के नाम सामने आए हैं। जबकि 41 लोग हाई रिस्क पर हैं। सभी के सैंपल लेकर होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है।
पीजीआईएमएस के डॉ. ध्रुव चौधरी की जांच रिपोर्ट आने से पहले कई डॉक्टरों से मिले थे। इसके अलावा वह कोरोना के मरीजों के उपचार के उपकरण की खरीद को लेकर हुई हाई पर्चेज की बैठक में शामिल हुए। बताया जा रहा है कि एमएस व डीएमएस ने सेल्फ क्वारंटीन कर लिया है, जबकि अन्य अधिकारी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने तक सभी अपने घर पर ही रह कर काम करेंगे। गौरतलब है कि जिले में अब तक कुल 107 कोरोना संक्रमित मरीज आ चुके हैं, इनमें से 91 एक्टिव मरीज हैं।
कोविड-19 के प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी व उनकी बेटी कोरोना पॉजिटिव मिली हैं। प्राथमिक केस हिस्ट्री सर्च में सामने आया है कि उनकी बेटी निजी अस्पताल में काम करती हैं। संभव है संक्रमण वहां से आया हो। क्योंकि हमारे संस्थान में पूरी सावधानी बरती जा रही है। सुरक्षा के तहत डॉ. चौधरी के संपर्क में आए सभी अधिकारियों, डॉक्टरों व स्टाफ का सैंपल ले लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। संक्रमण काल में काम प्रभावित न हो, इसके लिए सभी अधिकारी अपने घर से काम कर रहे हैं। पांच दिन बाद फिर सभी के सेंपल जांच कराए जाएंगे।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
25 मई के बाद बेटी निजी अस्पताल में नहीं गई। उसे ड्यूटी जाना था, लेकिन हल्का बुखार होने के कारण नहीं जाने दिया गया। मुझे भी गले में खरास थी। इसलिए हम दोनों ने सैंपल जांच करवाए और जांच में सैंपल पॉजिटिव मिला है। अब घर में पत्नी, मां और अन्य का सैंपल भी जांच के लिए दे दिए हैं, उनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है, फिलहाल हम होम क्वारंटीन हैं।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, प्रमुख नोडल अधिकारी कोविड-19 एवं पीसीसीएम विभागाध्यक्ष पीजीआईएमएस रोहतक
कोविड के प्रमुख नोडल अधिकारी के संपर्क में आए 110 लोग, हाई रिस्क में 41, सभी क्वारंटीन
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पलमोनरी ऐंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉक्टर ध्रुव चौधरी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उनके संपर्क में करीब 110 लोगों को प्रशासन ने ट्रेस किया है। कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की डॉ. मीनाक्षी व डॉ. विनोद कुमार ने पूरा किया है। पीजीआईएमएस की रैपिड रिस्पांस टीम के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश वर्मा ने पाया कि डॉ. ध्रुव चौधरी के संपर्क में आए 41 लोग हाई रिस्क में हैं, इन्हें क्वारंटीन किया गया है।
डॉ. कत्याल संभालेंगे डॉ. ध्रुव का चार्ज
कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने स्टेट नोडल अधिकारी कोविड का चार्ज डॉ. वीके कत्याल को दिया है। इसके अलावा कोविड-19 के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में डेंटल कॉलेज के डॉ. हरनीत सिंह, प्रो.डॉ. पंकज गहलोत व स्टेट ड्रग डिपेंडेंस सेंटर के सहायक आचार्य डॉ. विनय कुमार की नियुक्ति की गई है। पीसीसीएम विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मंजूनाथ ने वीरवार को विजय पार्क में डॉ. चौधरी के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए। वहीं निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने एमएस एमजी वशिष्ठ का चार्ज कार्डियक सर्जन डॉ. एसएस लोहचब को दे दिया है। इसके अलावा कम्यूनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. बीएम वशिष्ठ का डिप्टी डीन का चार्ज पैथोलॉजी विभाग की डॉ. निशा मरवाह को सौंपा है।
कोरोना का मरीज होगा सीधा ट्रामा सेंटर में भर्ती
डीएमएस डॉ.संदीप ने बताया कि कोरोना के कंफर्म मरीजों को सीधा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया जाएगा। पीजीआईएमएस के सी ब्लॉक में अब सिर्फ आपातकाल विभाग से रेफर, पीजीआई के वार्ड से रेफर व फ्लू क्लीनिक से रेफर मरीज का ही सैंपल लिया जाएगा। इसके अलावा किसी भी करोना संदिग्ध व्यक्ति का अब से सी ब्लॉक में सैंपल नहीं लिया जाएगा। वहीं, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि पीजीआईएमएस के क्वारंटीन किए गए 41 लोगों के स्टाफ में पीसीसीएम विभाग के दो चिकित्सक, पांच कर्मचारी व दो बीयरर, बेहोशी विभाग के 14 चिकित्सक, चिकित्सा अधीक्षक विभाग से तीन चिकित्सक व कर्मचारी, निदेशक कार्यालय से दो चिकित्सक व छह कर्मचारी, माइक्रोबायोलॉजी विभाग से पांच चिकित्सक, कुलपति कार्यालय से तीन चिकित्सक व कर्मचारी, कंट्रोल रूम से तीन चिकित्सक व स्टाफ शामिल हैं।
पीजीआईएमएस के चिकित्सक व सभी कर्मचारी अधिक संख्या में एक्स्पोजर हो गए हैं। लेेकिन मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एमजी वशिष्ठ को डॉक्टर ध्रुव के संपर्क में आने के चलते क्वारंटीन किया गया है। क्वारंटीन हुए डॉक्टरों की जगह नये डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस