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सात माह से सहमति संबंध में रह रहे कैथल के फौजी ने महिला मित्र के घर फंदा लगा दी जान, केस दर्ज

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सात माह से सहमति संबंध में रह रहे 22 वर्षीय फौजी ने बुधवार रात शास्त्री नगर निवासी अपनी महिला मित्र के घर फंदा लगा जान दे दी। इस बारे में वीरवार सुबह करीब सवा पांच बजे युवती ने मृतक के भाई को सूचना दी। इसके बाद परिजन, पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारा। एफएसएल टीम इंचार्ज डॉ. सरोज दहिया मलिक ने जरूरी तथ्य जुटाए। पुलिस ने फौजी के परिजनों के बयान पर महिला मित्र के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
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सुखपुरा चौकी पुलिस को दी शिकायत में कैथल के गांव बालू निवासी संदीप ने बताया कि उसका बड़ा भाई जगरूप आर्मी में जवान था। इन दिनों उसकी ड्यूटी दिल्ली में थी। उसका भाई मूल निवासी रूखी व हाल निवासी रोहतक की शास्त्री नगर की एक युवती के साथ करीब सात माह से सहमति संबंध में रह रहा था। करीब 20 दिन पहले जगरूप छुट्टी लेकर घर आया हुआ था, जिसने आगे कभी युवती के पास न जाने की बात कही थी। इसी दौरान जगरूप ने युवती को फोन किया तो युवती ने जगरूप के साथ गाली - गलौज की। युवती की मां ने जगरूप को धमकियां भी दी। संदीप ने बताया कि वीरवार सुबह करीब सवा पांच बजे युवती ने फोन पर बताया कि जगरूप ने गोलिया खा ली हैं। कुछ देर बाद युवती ने बताया कि जगरूप ने फंदा लगाकर जान दे दी है। सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। संदीप ने आरोप लगाया है कि उसके भाई को उक्त युवती ने मारा है या फिर युवती से तंग आकर उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने युवती के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दो दिन बाद जम्मू होना था रवाना
जगरूप के भाई संदीप ने बताया कि उसके पिता धर्मबीर पेशे से किसान हैं। जगरूप दो साल पहले ही इंडियन आर्मी में भर्ती हुआ था। जिसकी ड्यूटी फिलहाल दिल्ली थी। छुट्टी पूरी होने के बाद शुक्रवार को उसने जम्मू के लिए रवाना होना था।
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हत्या या आत्महत्या, इस पहलू पर पुलिस कर रही जांच
पुलिस के अनुसार जगरूप की लंबाई करीब 6 फीट है। जबकि उसका शव खिड़की पर जमीन से करीब चार फीट ऊपर परने से फंदा मिला। ऐसे में आत्महत्या करना मुश्किल है। मृतक के भाई संदीप ने बताया कि वीरवार सुबह युवती ने पहले उसे फोन कर जगरूप के गोलियां खाने की सूचना दी गई और कहा कि वह अपनी बहन, सहेली के साथ स्कूटी पर बैठाकर निजी अस्पताल ले जा रहे हैं। जबकि एक्टिवा पर ऐसी स्थिति में चार लोगों का सवार होना संदेह पैदा करता है। इसके अलावा अगर अस्पताल जा रहे थे तो फंदे पर शव कैसे लटका। पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है।
अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। नामजद युवती पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की हर पहलू से जांच जारी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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- प्रमोद गौतम, सिटी थाना प्रभारी।
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