आईएमटी स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले एक युवक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपने चचेरे भाई की हत्या कर दी। हत्या का कारण केवल यह था कि उनको उस पर रुपये व मोबाइल चोरी करने का शक था। हत्या 11 जून को की गई थी, लेकिन शव के अवशेष सोमवार देर शाम बरामद हुए हैं।
शव को आवारा कुत्तों व गीदड़ों ने पूरी तरह खा लिया था। घटना की सूचना मिलने पर सांपला थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने युवक के शव की खोपड़ी का कुछ हिस्सा व कुछ हड्डियां बरामद की हैं।
यूपी के गोंडा जिले के दलेल नगर गांव निवासी 18 वर्षीय प्रभात पांडेय रोहतक डेढ़ महीने पहले एक बाल्टी बनाने की फैक्ट्री में काम करने आया था। प्रभात का चचेरा भाई उमाकांत इस फैक्ट्री में पहले से ही काम करता था। फैक्ट्री में नौकरी मिलने के बाद प्रभात कुछ दिन के लिए वापस अपने गांव चला गया था।
10 जून को उमाकांत ने प्रभात को फोन कर रोहतक बुलाया। प्रभात 11 जून दोपहर को रोहतक पहुंचा। शाम को उमाकांत उसे घुमाने के लिए आईएमटी में खाली पड़े प्लॉटों की ओर ले गया। उमाकांत ने अपने रिश्तेदार गोंडा निवासी प्रेम और एक अन्य साथी सुल्तानपुर निवासी राजकुमार को भी साथ ले लिया।
खाली प्लॉटों में उगी घास में प्रभात लेट गया और उसे नींद आ गई। प्रभात के सो जाने पर उमाकांत, राजकुमार और प्रेम ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव वहीं झाड़ियों में छुपा दिया। शव के कुछ अवशेष पुलिस को मिले हैं। शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेजा गया है।
प्रभात की हत्या कर उमाकांत अपने घर गोंडा चला गया। वहां पर जब परिजनों ने प्रभात के बारे में पूछा तो उसने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया। उसने बताया कि आईएमटी के पास पार्क में प्रभात ने एक लड़की के साथ छेड़खानी कर दी। इस पर कुछ युवक वहां आए तथा प्रभात पर चाकुओं से हमला कर दिया। उमाकांत ने बताया कि चाकुओं से हमला होने पर वे दोनों अलग-अलग दिशा में भाग गए। उसके बाद उसने प्रभात को दोबारा नहीं देखा।
प्रभात पांडेय के रोहतक आने के बाद उसके परिजनों ने उससे बात करनी चाही, लेेकिन बात नहीं हो सकी। परिजनों ने उमाकांत से बात की, तो वह सही से जवाब नहीं दे रहा था। वह परिजनों को लगातार गुमराह कर रहा था। इस पर प्रभात के परिजन रोहतक आ गये। यहां पर भी जब काफी खोजबीन के बावजूद प्रभात नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने उमाकांत से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई बता दी।
प्रभात पांडेय के चाचा श्यामनाथ पांडेय ने बताया कि वह अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। प्रभात की दो बहनें हैं और दोनों ही प्रभात से छोटी हैं। प्रभात इसी साल 12वीं पास करने के बाद रोहतक नौकरी करने आया था। श्यामनाथ ने बताया कि हत्या का आरोपी उमाकांत प्रभात का चचेरा भाई है। प्रेम उमाकांत का रिश्तेदार है तथा राजकुमार दोस्त है।
इस बारे में खरावड़ चौकी प्रभारी बल्लूराम ने बताया कि उमाकांत ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपने चचेरे भाई प्रभात की हत्या 11 जून को कर दी थी। उन्हें शक था कि प्रभात ने राजकुमार के रुपये व मोबाइल चोरी किए हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।