एमडीयू और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के बीच बीएड प्रेक्टिकल परीक्षाओं की वीडियोग्राफी का विवाद अभी थमा भी नहीं है कि एक और विवाद यूनिवर्सिटी के गले पड़ गया। सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेजों की सीटें कम करने को लेकर हाईकोर्ट ने स्टे जारी करते हुए यूनिवर्सिटी को नोटिस थमा दिया है।
एमडीयू के अधीन 292 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। कुछ माह पहले यूनिवर्सिटी की टीम ने कॉलेजों में औचक निरीक्षण किया था, जिसमें 22 कॉलेजों में खामियां मिली। किसी में स्टाफ मौके पर मौजूद नहीं था तो किसी में संसाधनों की कमी बताई गई। एमडीयू प्रशासन ने बीते दिनों हुई बैठक में कुछ कॉलेजों पर जुर्माना लगा दिया था, जबकि कुछ की पचास फीसदी सीटें कम कर दी थी। सीटें कम करने के विरोध में सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कॉलेजों का तर्क था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन मनमानी पर उतारू है।
हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सीटें कम करने के फैसले पर स्टे लगा दिया है। साथ ही एमडीयू प्रशासन को भी नोटिस जारी किया है। इसमें पूरे मामले पर एमडीयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो तीन दिन पूर्व हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने एमडीयू की तरफ से केस लड़ रहे अधिवक्ता को भी कड़ी फटकार लगाई। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद अब एमडीयू प्रशासन बैकफुट पर आ सकता है। गौरतलब है कि एमडीयू प्रशासन उल्टे-सीधे आदेशों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है।
यह है वीडियोग्राफी का विवाद
एमडीयू ने परीक्षाओं से ऐनवक्त पहले बीएड कॉलेजों की प्रेक्टिकल परीक्षाओं में वीडियोग्राफी के आदेश जारी कर दिए थे। इसके विरोध में भी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और 31 अगस्त को सुनवाई होनी है।