रेल मंत्रालय के प्रोजेक्ट में गोहाना की रेल कोच फैक्टरी कहीं भी नहीं है। आरटीआई में यह खुलासा हुआ है। यूपीए सरकार ने 2013-14 के रेल बजट में रेल कोच फैक्टरी की घोषणा की थी। गोहाना में बनने वाली इस कोच फैक्टरी के लिए 2200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट रखा गया था। लेकिन एक आरटीआई के जवाब में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि हमारे पास रेल कोच फैक्टरी बनाने का कोई प्रोजेक्ट नहीं है।
रोहतक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनीवासी धीरेंद्र कुमार ने रेलवे बोर्ड से सूचना के अधिकार के तहत सोनीपत रेल कोच फैक्टरी के बारे जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (एमई) बिनय कुमार झा और रेलवे बोर्ड के मैके. इंजीनियरिंग (डब्ल्यू) जयंत कुमार ने साफ किया है कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट पर मंत्रालय काम नहीं कर रहा है। संभवत: ये प्रोजेक्ट भी पूर्व की सरकार द्वारा रेलवे यात्रियों की अन्य सुविधाओं के लिए की गई घोषणा की तरह खोखला साबित हुआ।
आमने-सामने
भाजपा डाल रही ठंडे बस्ते में: बतरा
रोहतक से कांग्रेस के पूर्व विधायक बी. बी. बतरा ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस शासनकाल में बनाई गई विकासकारी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने बजट में रेल कोच फैक्टरी का प्रावधान रखा था और हुड्डा सरकार ने जमीन उपलब्ध कराने का ऑफर दिया था।
कांग्रेस ने खेला था खेल: ग्रोवर
भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने बतरा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले बजट में रेल फैक्टरी का जो खेल खेला था, वोएक झूठी घोषणा थी। लेकिन जनता सच्चाई जानती है, इसलिए चुनाव में कांग्रेस को हराने का काम किया।
इसलिए है हरियाणा वासियों को प्रभु से उम्मीद
रेल कोच फैक्टरी को लेकर बेशक अब कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हों, लेकिन हकीकत ये है कि फैक्ट्री अब कागजों से भी बाहर हो चुकी है। अगर फैक्टरी बनती तो हजारों युवाओं को रोजगार मिलता। लेकिन प्रदेशवासियों को अब भी रेल मंत्री सुरेश प्रभु से उम्मीद हैं। प्रभु हरियाणा से ही राज्यसभा में गए हैं और उन्होंने सीएम खट्टर के गांव निंदाना को भी गोद लिया है।