रोहतक। रोहतक की युवती द्वारा पलवल के वकील के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के मामले में नया मोड़ आ गया है। एडीजे आरपी गोयल की अदालत ने मंगलवार को निचली कोर्ट द्वारा आरोपी वकील व युवती के दो जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने के आर्डर को रद्द कर दिया है।
बचाव पक्ष के वकील हर्षदेव शास्त्री ने बताया कि रोहतक की एक युवती ने केस दर्ज कराया था कि उसकी पहली शादी के बाद पति से अलगाव हो गया। वह मायके में रहने लगी। रोहतक में उस समय पलवल का युवक पढ़ रहा था, जिसने उसके साथ संबंध स्थापित किए। साथ में उसके साथ शादी की। उसके दो जुड़वा बच्चे हुए, लेकिन आरोपी ने उन्हें अपनाने से इंकार कर दिया। साथ ही दूसरी शादी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की तो आरोपी युवक ने एडीजे कोर्ट ने अग्रिम जमानत ले ली। मामला निचली अदालत में चला तो युवती के वकील ने अदालत से मांग की कि आरोपी व जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया जाए। इससे अदालत को केस में अहम सबूत मिल जाएगा। निचली अदालत के आदेश के खिलाफ आरोपी एडीजे कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दायर की थी। मंगलवार को अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के डीएनए टेस्ट के आर्डर को रद्द कर दिया।