रोहतक। जिला बार चुनाव तक अदालत ने बार काउंसिल में प्रधान पद के प्रत्याशी अरविंद श्योराण के खिलाफ सुनवाई पर रोक लगा दी है। इसके लिए अदालत ने बार काउंसिल से निवेदन किया है। अब मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी। इसके लिए पूर्व प्रधान ने 24 फरवरी को अदालत में याचिका दायर की थी। उधर, एडवोकेट संदीप व अन्य वकीलों की अर्जी पर बहस के बाद अदालत ने 27 फरवरी को सुनवाई की तिथि तय की है।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की तरफ से 28 फरवरी को जिला बार के चुनाव करवाए जाएंगे। अबकी चुनाव प्रचार की जगह वकील मतदाता सूची को लेकर नामांकन के बाद से उलझे हुए हैं। चुनाव अधिकारी के पास 3526 वकीलों ने अर्जी दायर की थी, जिनमें 1200 से ज्यादा वकीलों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। इसको लेकर बार में काफी विवाद हुआ। पूर्व प्रधान अरविंद श्योरण व अन्य ने आरोप लगाया कि भेदभावपूर्ण तरीके से वोट काटे गए हैं, जबकि चुनाव अधिकारी प्रदीप मलिक ने कहा था कि बार काउंसिल की ओर से तय नियमों के तहत जांच में नाम कटे हैं। बाद में 19 फरवरी तक आपत्ति मांग गई थी। करीब 750 वकीलों ने आपत्ति दी, जिनकी अभी जांच चल रही है।
अरविंद ने एक दिन पहले दायर की थी याचिका
पूर्व प्रधान ने अदालत में 24 फरवरी को याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अरविंद श्योराण के वकील ने अदालत से मांग की कि पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में अरविंद के खिलाफ जो अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर सुनवाई चल रही है, उस पर रोक लगाई जाए, क्योंकि अरविंद न केवल पूर्व प्रधान हैं, बल्कि प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। दूसरी तरफ बार के चुनाव अधिकारी एडवोकेट प्रदीप मलिक ने बार काउंसिल की तरफ से पक्ष रखा। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने निर्णय दिया कि 28 फरवरी तक अरविंद के खिलाफ बार काउंसिल का कोई भी आदेश लागू न किया जाए।
मतदाता सूची से वोट काटने को लेकर सुनवाई कल
उधर, एडवोकेट संदीप व अन्य ने सिविल कोर्ट में ही अर्जी दी कि वकीलों की काटे गए वोट दोबारा जोड़े जाएं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद 27 फरवरी की तिथि सुनवाई के लिए तय की है।
अरविंद श्योराण के खिलाफ बार काउंसिल में सुनवाई चल रही है, जिस पर अदालत ने कहा है कि 28 फरवरी तक कार्रवाई न की जाए। दूसरे केस में 27 फरवरी को फिर सुनवाई होगी। सीटीएम ने मतदान केंद्र का जायजा लिया है, ईवीएम से मतदान होगा। इसके लिए तीन बूथ बनाए जाएंगे। हाईकोर्ट में आठ वकीलों ने वोट जोड़ने की अर्जी दी थी, जिनमें से सात की अर्जी खारिज हो गई है। एक महिला वकील का वोट पहले ही जोड़ा जा चुका है।
- एडवोकेट प्रदीप मलिक, चुनाव अधिकारी जिला बार एसोसिएशन
अदालत ने 28 फरवरी तक बार काउंसिल के सभी आदेशों पर रोक लगा दी है। 27 फरवरी को मतदाता सूची को लेकर भी अदालत में सुनवाई होगी। उनको अदालत पर पूरा भरोसा है। वह उनके लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।
- एडवोकेट अरविंद श्योराण, प्रत्याशी एवं पूर्व प्रधान जिला बार एसोसिएशन