रूस के ऐकातेरिनबुर्ग शहर में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 52 किलो भारवर्ग में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अमित पंघाल ने सेमीफाइनल मुकाबले में काउंटर अटैक की रणनीति अपनाकर जीत दर्ज की। इसके साथ ही फाइनल में जगह बनाने वाले वे पहले भारतीय बॉक्सर बन गए हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के बॉक्सर को 3-2 से हराया। अमित ने पहले राउंड में विरोधी के खेल को परखा, दूसरे राउंड में रिस्क लेते हुए अपने पंचों से दबदबा बनाया और आखिरी तीसरे राउंड में मुकाबला अपने नाम कर लिया। वे शनिवार को फाइनल में गोल्ड के लिए उज्बेकिस्तान के बॉक्सर से भिड़ेंगे। याद रहे कि वर्ष 1974 में एम्चयोर इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से पुरुष वर्ग की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की शुरुआत क्यूबा से हुई थी। इस चैंपियनशिप के 45 वर्ष बाद शुक्रवार को ऐसा मौका आया है जब भारत का कोई बॉक्सर फाइनल में जगह बना पाया है।
भारतीय बॉक्सिंग टीम के कोच जगदीप हुड्डा ने बताया कि सेमीफाइनल मुकाबले के लिए विशेष तैयारियां की गई थी। उन्होंने बताया कजाकिस्तान का बॉक्सर अमित से पांच से छह इंच लंबा था। विरोधी बॉक्सर अपनी लंबे कद का फायदा न उठाए। इसके लिए काउंटर अटैक की रणनीति बनाई। इस रणनीति में अमित को विरोधी बॉक्सर के पंच से बचते हुए उस पर अटैक करना है और फिर से विरोधी की रेंज से बाहर निकलना था।
ओलंपिक क्वालिफायर का हिस्सा बनने के लिए किया क्वालीफाई
अमित के भाई अजय पंघाल ने बताया कि अमित ने जैसे ही क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर अपना पदक पक्का कर लिया था। उसी समय अमित ने फरवरी 2020 में चीन में होने वाली एशिया एंड ओसियाना कॉन्टीनेंटल चैंपियनशिप यानी ओलंपिक क्वालिफायर के लिए क्वालीफाई कर लिया है। उन्होंने बताया कि अमित के साथ-साथ भिवानी के मनीष कौशिक ने भी ओलंपिक क्वालीफायर के लिए क्वालीफाई कर लिया है।