स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए एक तरफ नगर निगम आम लोगों के धड़ाधड़ चालान काट रहा है, वहीं दूसरी तरफ खुद के ठेकेदार नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। पावर हाउस चौक पर निगम की ओर से 53 दुकानें बनाई जा रही है। वहां सरेआम रोड़ी व क्रशर सड़क किनारे डाला हुआ है। पूछने पर निगम के नोडल अधिकारी ने कहा कि रविवार को सरकारी विभागों का सर्वे पूरा हो जाएगा। सोमवार से चालान काटे जाएंगे, चाहे इसमें निगम का ही ठेकेदार क्यों न हो। निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने भी तत्काल ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत दी है। शाम तक बिल्डिंग मैटेरियल को ढकवा दिया गया।
केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण ब्यूरो की टीम किसी भी दिन शहर में आ सकती है। निगम की ओर से शहर को देश के टॉप 10 स्वच्छ शहरों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। दो दिन पहले निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा मानसरोवर पार्क के नजदीक कंट्रोल रूम में पहुंचे और वहां सफाई को लेकर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की। साथ ही इंजीनियरिंग व सफाई ब्रांच के अधिकारियों की मीटिंग ली। आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण निगम के लिए एक परीक्षा की तरह है। किसी भी स्थान पर खुले में मलबा व निर्माण सामग्री नहीं होनी चाहिए। जहां मलबा है उसको उठाकर सुनारिया जेल रोड स्थित निर्धारित स्थल पर डालना हैं। दूसरे सरकारी विभाग भी अपना मलबा तुरंत उठाकर साइट पर डाले। दो दिन बाद निगम ऐसे सरकारी विभागों का भी चालान काटेगा, जो खुले में बिल्डिंग मैटेरियल डाल रहे हैं।
व्यस्त इलाके में सड़क किनारे पड़ा बिल्डिंग मैटेरियल
एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के दौरान श्रीनगर कॉलोनी में दुकान व मकानों को तोड़ा गया था। वहां के विस्थापितों के लिए नगर निगम की ओर से पावर हाउस स्थित बिजली निगम की जमीन में 53 दुकानें बनाई जा रही है। दुकानों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बचे कार्य के चलते ठेकेदार की ओर से सड़क किनारे लोहा, रोड़ी, क्रशर व दूसरा मैटेरियल डाला हुआ है। अब सवाल उठता है कि आम बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर व सड़कों से गुजर रहे ट्रैक्टर चालकों का तो निगम हर रोज चालान काट रहा है, लेकिन खुद के ठेकेदार दिखाई नहीं दे रहे हैं।
निगम ने दो ट्रैक्टर चालकों के काटे एक-एक हजार के चालान
उधर, निगम की स्पेशल टीम ने नोडल अधिकारी संदीप राठी के नेतृत्व में निगम की टीम ने दिल्ली बाईपास पर एक-एक हजार रुपये के दो ट्रैक्टर चालकों का चालान काटा। क्योंकि ट्रैक्टर चालक बिल्डिंग मैटेरियल ढककर नहीं ले जा रहे थे। इसके अलावा रेहड़ी वालों के गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग न करने पर 100-100 रुपये के पांच चालान काटे गए। इसके अलावा निगम की ओर से दिल्ली बाईपास पर ही एमडीयू के बाहर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
निगम की तरफ से सरकारी विभागों का सर्वे किया जा रहा है। कहां-कहां खुले में बिल्डिंग मैटेरियल डाला गया है। रविवार को सर्वे फाइल कर दिया जाएगा। इसके बाद सोमवार से एनजीटी गाइडलाइन के तहत 50 हजार से 1 लाख तक के चालान काटे जाएंगे।
- मंजीत दहिया, नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
नियम सबके लिए बराबर हैं। शनिवार को जैसे ही पता चला कि पावर हाउस चौक पर ठेकेदार ने खुले में बिल्डिंग मैटेरियल डाला हुआ है, तत्काल पहले तो उसे ढकवाया गया। इसके बाद अधिकारियों को कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर निगम गंभीरता से कदम उठा रहा है। आम शहरवासी भी उसमें सहयोग दें, ताकि शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर टॉप 10 में शामिल किया जा सके।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम