corono suspected absconding, cought in sampla
सांपला। पीजीआईएमएस में दाखिल कोरोना संदिग्ध एक युवक स्टाफ को चकमा देकर फरार हो गया। जिसे शनिवार की शाम को सांपला पुलिस ने पकड़कर डॉक्टरों के हवाले कर दिया। उसे फिर ब्राह्मणवास ले जाया गया है।
देश व प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ती जा रही है। बढ़ती संख्या को लेकर सरकार गंभीर है। सांपला मार्केट कमेटी मार्ग पर स्थित एक मकान में किराये पर रहने वाले बिहार निवासी अरुण यादव पुत्र सत्यनारायण को 6 अप्रैल को पुलिस ने सांपला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया था। डॉक्टरों ने अरुण को ब्राह्मणवास स्थित मेडिकल कॉलेज में बनाए गए वार्ड में भर्ती कर दिया। तभी से वह वहीं रह रहा था। बताया गया कि दो दिन पहले अरुण को कोरोना की दूसरी जांच के लिए पीजीआई रोहतक में भेजा गया। वहां से संदिग्ध मरीज डॉक्टरों को चकमा देकरे फरार हो गया। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को सूचना दी की 6 अप्रैल को सांपला से जिस बिहार निवासी अरुण को दाखिल कराया गया था वह लापता हो गया है। सभी पुलिस स्टेशनाें पर सूचना दी गई। इसके बाद सांपला पुलिस भी उसकी तलाश में लग गई।
शनिवार की शाम को पुलिस अरुण जिस कमरे में रहता था वहां पहुंची। तो वह वहीं छुपा पाया गया। तभी पुलिस उसको बेरी मार्ग मेला ग्राउंड के पास ले आई। बताया गया कि एक बार तो उसने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर रखा था। तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। जिसे गाड़ी में बैठाकर वापस ब्राह्मणवास मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि अरुण को दो दिन पूर्व पीजीआई में कोरोना जांच के लिए भेजा था। वह कैसे भागा कुछ नहीं कह सके। हालाकि अरुण की अभी कोरोना जैसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई गई है। लेकिन पुलिस ने अब उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है जिससे अरुण मिला था। चौकी इंचार्ज सुभाष ने बताया कि डॉक्टराें द्वारा अरुण की अभी तक कोरोना से संक्रमित होने जैसे कोई रिपोर्ट नहीं बताई है। वह कितने लोगों से मिला इसकी पूछताछ कर उन सभी की स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी।