पीजीआईएमएस में कोरोना की दूसरी लहर में लगाए गए लॉकडाउन का असर दिखाई देने लगा है। कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घटने से अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन सामान्य ओपीडी और इलेक्टिव सर्जरी शुरू करने की घोषणा कर सकती है।
संस्थान में सामान्य दिनों में सात से आठ हजार मरीज ओपीडी में जांच करवाने आते हैं। इसके साथ ही 200 से अधिक मरीजों का प्रतिदिन यहां ऑपरेशन होता है। कोरोनाकाल में पीजीआईएमएस में सामान्य ओपीडी बंद हैं, यह सीमित संख्या में ही कुछ अहम विभाग की ओपीडी चल रही हैं। इसके अलावा यहां आपात सर्जरी ही की जा रही हैं। पीजीआईएमएस में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की अब मांग है कि जब कोरोना के मरीज कम हो गए हैं तो संस्थान सामान्य ओपीडी व इलेक्टिव सर्जरी को जल्द चालू करे। क्योंकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों के साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना के मरीज दाखिल हैं। ऐसे में अन्य बीमारी वाले मरीज उपचार करवाने को कहां जाएं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में प्रदेश के अलावा राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक के मरीज उपचार के लिए आते हैं। कोरोनाकाल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों के पास दिल्ली व अन्य चिकित्सा संस्थानों में जाने का भी मार्ग नहीं बचा है।
निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों के लिए फीस तय
सरकार ने कोरोना काल के दौरान निजी अस्पतालों व निजी जांच केंद्रों पर शिकंजा कसते हुए विभिन्न जांचों व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फीस तय कर दी है। मरीज इसी आधार पर यहां फीस अदा करेंगे। इस व्यवस्था से मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो जाएगा।
अभी कोरोना के मरीज पीजीआईएमएस में हैं और आ रहे हैं। फिलहाल सामान्य ओपीडी व इलेक्टिव सर्जरी शुरू करने की कोई योजना नहीं है। यदि संक्रमण लगातार घटता है और स्थिति नियंत्रण में आती है तो इस पर विचार किया जाएगा।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस