फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना ने बढ़ाया मरीजों का दर्द, पीजीआई में नहीं हो रही सर्जरी

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना ने मरीजों का मर्ज व दर्द दोनों बढ़ाने काम किया है। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में पिछले एक साल से ऑपरेशन थियेटर बंद पड़े हैं। इस कारण सर्जरी के इंतजार में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। पिछले एक साल में यहां 200 मरीज रोजाना के हिसाब से यह संख्या करीब 73 हजार बनती है। इसके अलावा हर दिन संस्थान में आने वाले मरीज भी इस वेटिंग लिस्ट को लंबा कर रहे हैं। महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए फिलहाल संस्थान की ओटी शुरू होती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में मरीजों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन

प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब व राजस्थान से गंभीर बीमारियों का इलाज कराने आने वाले मरीजों को पिछले करीब एक साल से इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के कारण पीजीआई के ऑपरेशन थियेटर बंद हैं। इस कारण मरीजों की सर्जरी नहीं हो पा रही हैं। महामारी से पहले संस्थान में रोजाना करीब 200 सर्जरी होती रही हैं। इसमें हड्डी रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग एवं प्रसूति, ईएनटी, सर्जरी समेत अन्य विभागों के मरीज शामिल हैं। संस्थान की ओटी बंद होने से साल भर में करीब 73 हजार मरीज सर्जरी का इंतजार कर रहे हैं। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जबकि फिलहाल सर्जरी के लिए ओटी शुरू होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
आपात मरीजों की हो रही सर्जरी
संस्थान में आपातकाल विभाग की ओटी चालू हैं। यहां भी आपात मरीजों की ही सर्जरी की जा रही है। कैंसर सरीखे दूसरे गंभीर रोगों के मरीजों को वेटिंग में रखा जा रहा है। आपात विभाग में रोजाना करीब 800 मरीज आते हैं। इनमें से 100 केस गंभीर होते हैं। इन्हें तुरंत उपचार के लिए सर्जरी की जरूरत होती है। इन्हें इलाज दिया जा रहा है।
विज्ञापन

कोरोना महामारी के कारण सर्जरी नहीं हो रही है। मरीजों को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कोरोना काल में संक्रमित मरीज अधिक आ रहे थे। अब संक्रमण खत्म होने के बाद सर्जरी शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

- डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें