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कोरोना के 218 नए संक्रमित मिले, सक्रिय मरीजों की संख्या हुई 921

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इस साल जिले में पहली बार कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 200 की संख्या को पार करता हुआ वीरवार को 218 पर पहुंच गया। वर्तमान में जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 921 पहुंच गई है। इसमें से 27 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं और 894 घरों पर एकांतवास में उपचाराधीन हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि वीरवार को जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 13758 हो गई है। इसमें से 12664 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं अब तक 172 मरीजों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। अधिकारी ने बताया कि वीरवार को 2272 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग अभी तक तीन लाख 28 हजार से अधिक लोगों के सैंपल जांच करवा चुका है। जिले में कोरोना संक्रमण फैलने का कुल प्रतिशत 4.19 व रिकवरी प्रतिशत 92.05 हो गया है।
102990 का कराया टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग अभी तक जिले में 102990 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगा चुका है। वीरवार को 1285 को पहला व 262 को दूसरी कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई है। विभाग का कहना है कि लोग स्वयं आगे आए और टीकाकरण कराएं, तभी संक्रमण के खतरे को टाला जा सकता है।
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पांच साल के बच्चे सहित कांग्रेसी नेता हेमंत बख्शी संक्रमित
जिले में वीरवार को सबसे कम आयु के संक्रमित मरीज की आयु पांच साल बताई गई है। वहीं कांग्रेसी नेता एवं समाजसेवी हेमंत बख्शी भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की जारी हेल्थ रिपोर्ट में चार डॉक्टर, आठ शिक्षक, घिलौड़ की नर्स सहित तीन स्टाफ नर्स, 26 विद्यार्थी, 17 गृहिणी, हरियाणा पुलिस की स्टाफ, रेलवे कर्मी, दुकानदार, पोलीक्लीनिक स्टाफ, बाबा बंदा बहादुर का स्टाफ, खानपुर पीजीआईएमएस की स्टाफ, डिफेंस स्टाफ, बिजनेसमैन आदि संक्रमित मिले हैं। कांग्रेस नेता हेमंत बख्शी ने कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि आमजन संक्रमण को हलके में ले रहा है, जबकि खतरनाक स्थिति हो चुकी है। स्वयं का बचाव करने के साथ अन्य लोगों का बचाव करना जरूरी है। जो उनके संपर्क में आए हैं वह अपनी जांच करवा लें और स्वयं को आइसोलेट कर लें।
कोरोना का हो चुका कम्यूनिटी स्प्रेड : डॉ. वरूड़
पीजीआईएमएस जनसंपर्क विभाग के प्रभारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि कोरोना का कम्यूनिटी स्प्रेड हो चुका है। अब लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। दो गज की दूरी व मास्क का यदि प्रयोग नहीं किया तो संक्रमित होने का खतरा अधिक हो गया है। पीजीआईएमएस में पीसीसीएम विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी व डॉ. मंजूनाथ पहले ही दोबारा कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। इसलिए भ्रम न पालें कि एक बार कोरोना होने के बाद दोबारा कोरोना नहीं होगा।
कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगने के बाद भी हो रहा कोरोना
कोरोना संक्रमित वे लोग भी हो रहे हैं, जो कोरोना से बचाव के लिए टीके का दोनों डोज लगवा चुके हैं। ऐसे में बगैर टीकाकरण, मास्क व सुरक्षा उपाय के घूम रहे लोगों के लिए सवाल है कि वह कितने सुरक्षित हैं।
टीका लगने के बाद 70 से 80 प्रतिशत लोग सुरक्षित रहते हैं। 20 से 30 प्रतिशत को टीकाकरण पूरा करवाने के बाद भी कोरोना हो सकता है। लेकिन यह देखा गया है कि कोरोना टीकाकरण कराने वालों को गंभीर अवस्था में नहीं ले जा सकता। इसलिए टीकाकरण के अलावा हमारे पास संक्रमण से बचने का कोई उपाय नहीं है। जिनका टीकाकरण नहीं हुआ या हो चुका है वह मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। इसके साथ जरूरी है कि भीड़ से हर हाल में बचें।
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- डॉ. रमेश वर्मा, प्रोफेसर कम्यूनिटी मेडिसिन एवं को-इन्वेस्टिगेटर कोवैक्सीन, पीजीआईएमएस
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