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Rohtak News: तीन साल बाद मिला कॉनिर्या, चार घंटे चला ऑपरेशन

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25-डॉ. आरएस चौहान। - फोटो : इकौना ​स्थित श्रावस्ती फिलिंग सेंटर पर बिना भीड़ बाइक सवारों को पेट्रोल देता कर्मी।
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रोहतक। पीजीआई के नेत्र विभाग में सोमवार को करनाल के 16 वर्षीय किशोर हर्ष से मिली दो काॅर्निया से दो लोगों के जीवन में ज्योति जगी। पांच डॉक्टरों की टीम दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक विभाग अध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान के नेतृत्व में दो लोगों को कॉर्निया प्रत्यारोपित करने में जुटे रहे।
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जींद निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग के नेत्र दस साल पहले लकड़ी से चोट लगने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना में उनकी एक आंख तो खत्म हो गई व दूसरी में सफेद फोला हो गया। बाद में इस कारण दूसरी आंख से भी दिखना बंद हो गया। पिछले तीन साल से कॉर्निया की तलाश में थे।
दूसरा कॉर्निया रोहतक निवासी 47 वर्षीय युवक को दिया गया। आंखों में खुद दवाई डालते समय चोट लग गई। इससे कॉर्नियोलोपेस्टी हो गई। दूसरी आंख में सफेद मोतियाबिंद हो गया। इनकी तीन सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान इनकी आंख में लेंस डाला गया। सफेद मोतियाबिंद व कॉर्नियोलोपेस्टी का इलाज भी कॉर्निया देकर ट्रांसप्लांट कर दिया गया।
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विभागाध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि जिन मरीजों को ये कार्निया मिले हैं, वे भाग्यशाली हैं। 16 वर्षीय युवक के कार्निया होने के कारण सेल्स की डेंसिटी 2500 से 3000 प्रति क्यूबिक मिलीमीटर तक होती है। ये अच्छी गुणवत्ता के होते हैं। लंबे समय तक चलते हैं। दोनों मरीजों को कार्निया देने के लिए दो दिन से तैयारियां की जा रही हैं। इनकी हर तरह की जांच की गई। फिर सेलेक्ट कर ऑपरेशन किया गया।

टीम में ये रहे शामिल
ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने में विभागाध्यक्ष डॉ. आरएस चौहान, डॉ. राजेंद्र चौहान, डॉ. अशोक राठी, डॉ. निधी शर्मा व डॉ. दिव्या श्रीवास्तव का सहयोग रहा।
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