रोहतक। शहर की बहुचर्चित 331 करोड़ के अमृत योजना की खामियां एक माह में ठेकेदार को दूर करनी होंगी। नहीं तो 14 करोड़ की सिक्योरिटी राशि जब्त हो जाएगी। साथ ही निगम आयुक्त प्रोजेक्ट की खामियां देखने के लिए वार्डों का दौरा करेंगे। शुक्रवार को इस कड़ी में वार्ड नंबर एक में जाएंगे। वीरवार को निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया व मेयर मनमोहन गोयल ने संबधित वार्ड पार्षदों व ठेकेदार के कर्मचारियों संग बैठक की।
2018 में केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत रोहतक शहर का चयन किया था, जिसके तहत 331 करोड़ रुपये शहर में पानी और सीवर व्यवस्था पर खर्च किए जाने थे। 2018 में शुरू हुए प्रोजेक्ट को 18 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक प्रोजेक्ट पूरा होना तो दूर, अब तक हुए निर्माण कार्य में खामियां सामने आ रही हैं। जबकि 331 करोड़ में से निगम 301 करोड़ की राशि का ठेकेदारों को भुगतान कर चुका है। इसमें 194 करोड़ सीवरेज और 107 करोड़ पेजयल का कार्य करने वाले ठेकेदार को दिए जा चुके हैं। अब मात्र 30 करोड़ रुपये की राशि और सिक्योरिटी राशि बची है। 24 अगस्त को हुई सदन की बैठक में पार्षदों ने अमृत योजना को लेकर सवाल उठाए थे। नए आयुक्त ने पार्षदों को भरोसा दिया था कि वे न केवल ठेकेदार व पार्षदों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे, बल्कि वार्डों का दौरा भी करेंगे।
पार्षदों ने गिनाई खामियां तो ठेकेदार के कर्मचारी आश्वासन देकर चलते बने
वार्ड नंबर के पार्षद कृष्ण सहरावत ने आयुक्त को बताया कि उनके वार्ड में सिंहपुरा रोड गलत डली सीवरेज लाइन की वजह से टूट गया। सैनिक कॉलोनी, शास्त्री नगर, कुताना बस्ती में बिछाई गई सीवरेज लाइन बंद रहती है। वहीं वार्ड नंबर 9 के पार्षद जयभगवान ने कहा कि उनके वार्ड नौ में गलियां उखाड़ दी गई, लेकिन उनको ठीक नहीं किया गया। बोहर गांव में पशु अस्पताल के पास पेयजल लाइन टूटी पड़ी है। अमृत प्रोजेक्ट का ठेकेदार फोन तक नहीं उठाता है। सीवरेज लाइन बिछाते समय कई मैनहोल नहीं बनाए। सोनीपत रोड से पार्क की तरफ आने वाली फिरनी उखाड़ दी गई। ठेकेदार ने कहा कि छोटा कार्य दो दिन में ठीक करवा दूंगा। वहीं, वार्ड पांच , छह व 10 के पार्षद ने भी प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में 13 पानी के बूस्टर बनाए जाने थे, जिनमें से अब तक 9 बने हैं। उनमें से एक भी जनस्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग से पास नहीं कराया गया। वहीं, चार एसटीपी में से केवल बोहर व सिंहपुरा का एसटीपी बनाया गया है। निगम आयुक्त ने सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया है।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
...
अमृत प्रोजेक्ट से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए कंपनी का हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। आम लोग उस पर शिकायत कर सकेंगे। साथ ही एक माह में ठेकेदार को खामियों को दूर करना होगा। इसके लिए तत्काल ठेकेदार से मैनपॉवर व मशीनरी का ब्यौरा मांगा गया है।
जितेंद्र दहिया, आयुक्त नगर निगम