रोहतक। पीजीआई में अनुबंधित कर्मचारियों ने हड़ताल के 16वें दिन सोमवार को चिकित्सा अधीक्षक और निदेशक कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है। इन्हें बिस्तर पर बिछाने के लिए चादर तक नहीं मिल रही है। तीमारदार खुद ही मरीज को इधर से उधर लेकर जाते हैं।
पहले बैरर मरीज को स्ट्रेचर पर जांच के लिए ले जाने में मदद करते थे, लेकिन अब ये सारे काम तीमारदारों को स्वयं ही करने पड़ रहे हैं। कुछ तीमारदार तो चादर और गद्दे स्वयं ही घर से लेकर आ रहे हैं। कर्मचारी अभिषेक, महेश और राकेश ने कहा, जब तक उन्हें एचकेआरएन में शामिल नहीं किया जाता है, वह धरने को खत्म नहीं करेंगे।
सुबह चादर को उतारकर ले गए थे, अभी तक दूसरी चादर दी नहीं है। बोला था कि चादर को धोने के लिए लेकर जा रहे हैं, लेकिन इसके ऊपर जो कवर लगा है, वह भी प्लास्टिक का है, इसमें भी गर्मी लगने लगती है।
- सावित्री, तीमारदार
तीन दिन हो गए यहां आए हुए। तीन बार चादर देने के लिए बोल चुके हैं, लेकिन दी ही नहीं है। बोल रहे हैं कि धुलने के लिए भेजा है, अभी चादर नहीं है।
- मूर्ति देवी, तीमारदार
जिला प्रशासन की तरफ से कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों को एचकेआरएन में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। उपायुक्त से आज मिले थे। उन्होंने भी बोला है कि इन कर्मचारियों को जल्द एचकेआरएन में शामिल कराने में मदद करेंगे। प्राथमिकता यही है कि मरीजों को किसी तरह की तकलीफ न हो।
- डॉ. सुरेश सिंघल, पीजीआई निदेशक
16सीटीके18...पीजीआई के वार्ड 12 में बिना चादरों के बिस्तर पर इलाज करवाते मरीज। संवाद