लोगो- अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह कादियान की अदालत ने मोबाइल फोन में तकनीकी खराबी और सेवा में कमी के आरोपों से जुड़ी एक उपभोक्ता शिकायत को साक्ष्यों के अभाव में सोमवार को खारिज कर दिया।
आयोग ने अपने फैसले में कहा कि केवल शिकायत दर्ज कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपों के समर्थन में तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करना भी आवश्यक है। इंद्र विहार कॉलोनी निवासी सुनीता देवी ने 5 जून 2024 को आयोग में याचिका दायर की थी।
शिकायत में उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर 2021 को उन्होंने 69,999 रुपये में दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग का एस-20 अल्ट्रा 5जी मोबाइल फोन खरीदा था। खरीदने के लगभग दो माह बाद ही फोन में हैंग होने, बैटरी बैकअप कम होने, धीमी चार्जिंग तथा कैमरे से संबंधित समस्याएं आने लगीं।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि कई बार सर्विस सेंटर जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने मोबाइल की कीमत वापस दिलाने की मांग करते हुए आयोग में याचिका दायर की थी।
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से बताया गया कि शिकायतकर्ता के मोबाइल की वारंटी अवधि में दो बार सर्विसिंग की गई थी जिसमें कैमरा सहित अन्य आवश्यक पुर्जे बदले गए थे। कंपनी के अनुसार प्रत्येक बार शिकायतकर्ता संतुष्ट होकर मोबाइल अपने साथ ले गई थीं।
आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि 15 अक्टूबर 2022 के बाद शिकायतकर्ता ने किसी नई खराबी के संबंध में कोई लिखित शिकायत, ईमेल, व्हाट्सएप संदेश या तकनीकी विशेषज्ञ की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की। ऐसे में वह सेवा में कमी या निर्माण संबंधी दोष को साबित करने में असफल रहीं। इसी आधार पर आयोग ने उनकी याचिका खारिज कर दी।