रोहतक। जिला उपभोक्ता फोरम ने दो अलग-अलग मामलों में बुधवार को आम आदमी को राहत पहुंचाई है। फोरम के चेयरमैन नगेंद्र कादियान ने बिल्डर पर 4 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने, 20 हजार रुपये हर्जाने व 5 हजार कानूनी खर्च के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। जबकि दूसरे मामले में धान का खराब बीज देने पर हिसार रोड स्थित एक कंपनी को 35 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज व 5 हजार रुपये कानूनी खर्चे के तौर पर किसान को देने के निर्देश दिए हैं।
2013 में कराया था 4 लाख रुपये में फ्लैट बुक
सेक्टर-2 निवासी सुभाष चंद्र ने जुलाई 2019 में जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर की थी। इसमें बताया कि नोएडा की एक कंपनी ने खेड़ी साध के पास एक प्रोजेक्ट शुरू किया। इसके लिए उसने मार्च 2013 में कंपनी को 4 लाख रुपये देकर फ्लैट बुक करवाया। राशि चेक के माध्यम से दी गई थी। कंपनी ने अभी तक फ्लैट नहीं उपलब्ध करवाए। उसने कंपनी से 18 प्रतिशत ब्याज सहित अपनी राशि वापस मांगी, लेकिन कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। फोरम ने कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को याचिकाकर्ता को 4 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज के सहित लौटाने, 20 हजार रुपये मुआवजा देने व 5 हजार रुपये कानूनी कार्रवाई का खर्च देने के आदेश दिए हैं। इसके लिए कंपनी को एक माह का समय दिया गया है।
किसान को नहीं मिली पूरी पैदावार
बहुअकबरपुर के किसान जगबीर सिंह की याचिका पर जिला उपभोक्ता फोरम ने बीज कंपनी को 35 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने व 5 हजार रुपये कानूनी खर्चे के तौर पर देने का फैसला सुनाया है। मामले के अनुसार किसान जगबीर सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर की थी कि उसने एक बीज कंपनी का दुकानदार से धान का बीज खरीदा था। इसके बाद उसने पांच एकड़ में धान लगाया। इसके लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपये निवेश किया, लेकिन बीज की क्वालिटी शत-प्रतिशत नहीं थी। इसके चलते उसे पूरी पैदावार नहीं मिली। उसे प्रति एकड़ 21 हजार से 24 हजार रुपये का नुकसान हुआ। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीज कंपनी को निर्देश दिए हैं कि किसान को 35 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए। साथ ही कानूनी खर्च भी दे।