शराब से बर्बाद परिवारों को देख बोहर इलाके के लोगों का दिल पसीजने लगा है। शायद यही वजह है कि नशे की इस बुराई के खिलाफ एकजुट होना शुरू हो गए हैं। बुधवार को आर्य समाज बोहर व लोकहित संस्था ने बोहर में शराब ठेका हटाने व नए ठेके नहीं खुलने देने का संकल्प लिया। यही नहीं इस मामले को लेकर वीरवार को अधिकारियों से बातचीत करने के लिए उनका प्रतिनिधिमंडल पंचकूला जाएगा। शराब ठेका हटाने को लेकर वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर युक्त पत्र भी सरकार को भेजा गया है।
मैना पर्यटक केंद्र में पत्रकारों से बातचीत में लोकहित संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट चंचल नांदल व आर्य समाज बोहर के प्रवक्ता कृष्ण देव शास्त्री ने सरकार की नई आबकारी नीति पर सवाल खड़े किए। इन्होंने कहा कि आर्य समाज बोहर एवं इलाके के लोगों ने मिलकर बोहर के 1680 गणमान्य व्यक्तियों के हस्ताक्षर कराकर यहां शराब का ठेके नहीं खोले जाने का ज्ञापन सरकार को भेजा है। इस बारे में अब तक सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे लोगों में रोष की स्थिति बनी हुई है।
सरकार की नीति के अनुसार आबादी के 10 प्रतिशत लोगों के हस्ताक्षर होने पर वहां शराब का ठेका नहीं खोलने का प्रावधान है। जबकि बोहर के 15 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने हस्ताक्षर करा कर बोहर व गढ़ी बोहर में शराब का ठेका न खोलने के संबंध में उपायुक्त को 30 दिसंबर, 2019 को जापन दिया। उपायुक्त आरएस वर्मा ने उस समय आश्वासन दिया था कि आपके इलाके में शराब का ठेका न खुले इसके लिए प्रयास किया जाएगा।
उपयुक्त को दिए ज्ञापन की प्रतिक्रिया स्वरूप 25 फरवरी को हमें अब आबकारी एवं कराधान कमीशनर की ओर से 27 फरवरी को वाणिज्य भवन पंचकूला बुलाया गया है। इस पत्र में गांव के सरपंच को पंचायत का प्रस्ताव रजिस्टर लेकर पहुंचने को कहा गया है। जबकि यह सर्वविदित है कि बोहर एवं गढ़ी बोहर नगर निगम क्षेत्र में पड़ता है। यहां कोई पंचायत नहीं है। नगर निगम में शामिल होने से लोगों का स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार नहीं छीना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस नीति से नगर निगम क्षेत्र को बाहर रखना बोहर वासियों के साथ अन्याय है। फिर भी आठगामा बोहर के प्रधान बलराज सिंह नांदल को लेकर पार्षद जयभगवान ठेकेदार से इस संबंध में प्रस्ताव पास कराया गया है। वीरवार को आर्य समाज बोहर के सदस्य अन्य लोगों के साथ इस प्रस्ताव को साथ लेकर पंचकूला जाएंगे व कमिश्नर से मिलकर आगामी वित्त वर्ष में बोहर एवं गढ़ी बोहर में शराब के ठेके नहीं खुलवाने की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि हमारी मांग स्वीकार नहीं हुई तो आर्य समाज बोहर, लोकहित संस्था एवं समस्त ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। सरकार की अनदेखी पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर आर्य समाज बोहर के प्रधान धनीराम आर्य, आर्य बलबीर सिंह, आर्य अजय नांदल, हंस राज आर्य, राजीव, डॉ. बिजेंद्र, कैप्टन दयानंद नांदल, अशोक नांदल, राजेश सैनी, नाना पहलवान, विशाल आर्य, कर्मवीर आर्य, सुखबीर सिंह दहिया, रणवीर पहलवान, अंकुर आर्य, डॉ. जगदीप, अमित आर्य, सत्यवीर शास्त्री मौजूद रहे।